15/03/2026
उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता माननीय काशी सिंह ऐरी जी तथा पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी जी को गैरसैंण जाने से रोकना और उन्हें गिरफ्तार करना अत्यंत निंदनीय एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध कदम है। इसी क्रम में युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी जी को उनके आवास पर ही नजरबंद किया जाना भी धामी सरकार की असहिष्णु और दमनकारी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस गैरसैंण को उत्तराखंड आंदोलन के अमर शहीदों ने प्रदेश की राजधानी के रूप में देखा था, आज उसी मांग को उठाना भी सरकार की नजर में अपराध बना दिया गया है। जिन लोगों ने इस प्रदेश के निर्माण के लिए संघर्ष किया, आज उन्हीं की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
“ये ताक़त की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है,
जिस डाल पर बैठे हो वो टूट भी सकती है।”
उत्तराखंड क्रांति दल इस कायरतापूर्ण और शर्मनाक कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है तथा अपने सभी नेताओं की तत्काल और ससम्मान रिहाई की मांग करता है। साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, जो प्रदेश के गृहमंत्री भी हैं, से यह अपेक्षा करता है कि वे पुलिस द्वारा हमारे वरिष्ठ नेताओं के साथ किए गए इस अभद्र व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें और संबंधित अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने के लिए कड़ी चेतावनी दें।
यदि सरकार ने शीघ्र ही इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो उत्तराखंड क्रांति दल पूरे प्रदेश में इस कायराना और अलोकतांत्रिक कृत्य के खिलाफ व्यापक एवं उग्र जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।