27/09/2022
पनाह में ले हसीन लम्हा कर दे
उलझा जुल्फों को फिर तन्हा कर दे
मुझको जलने दे अपनी बाहों में
खाक करके अब मुझे फना कर दे
जो बात तेरे दिल मे दबी है कबसे
वो बात तू निगाहों से बयां कर दे
मेरे जीने को इतना ही काफी होगा
झूठी ही सही एक बार वफ़ा कर दे
दिल तुझको चाहता है पागलों जैसा
मेरे काबिल भी मेरी अनां कर दे
और सहा नही जाता ये सितम
अब मेरे दर्द को ही मेरी दवा कर दे