14/09/2020
ज्यादातर हिंदी दिवस की बधाई देने वाले वही लोग है जो इंग्लिश मीडियम से पढ़े है और उनका सामना कभी समबाहु, विषमबाहु, समानांतर रेखाएं, लघुतम समापवर्त्य, महत्तम समापवर्तक, गुणसूत्र, गुणधर्म, मेरुदंड, मेरूरज्जा, श्रोणिमेखला, गुणोत्तर श्रेणी, मध्यान, मध्यांतर , त्रिज्या, व्यास, आयत, वृत्त, किंकर्तव्यविमूढ़, अपादान कारक, संप्रदान कारक, संधिवचन, अग्रसरित, पूर्णांक, मूलधन, हस्तशिल्प, उनहत्तर, उन्यासी, दाब, वेग, जनन, प्रजनन, भोग, संभोग, आदि, इत्यादि, अनादि, अणु, परमाणु, जीवाणु, विषाणु, सूक्ष्मदर्शी....जैसे शब्दों से न हुआ है।
ऐसा है न बागड़बिल्लो...तुम्हे अंदाज़ा न है हम हिंदी मीडियम वाले कैसे इन्हें याद करते थे, साला एक बिंदी गलत लगा दो तो पूरे वाक्य की चिता जल जाती थी।
यहां बस भौकाल जमाने के लिए बधाई दिए जा रहे हिंदी दिवस की,
लास्ट टाइम किसी को धक्का लगने पर sorry bro की बजाए माफ़/क्षमा करियेगा भाई जी...