20/09/2020
सच्चे ओर शुद्ध भक्त केवल भगवान के पवित्र आर्चाविग्रह से आकर्षित होते है। संसार की माया पर भक्त हसते है क्योंकि वो जानते है , इसका उसका वजूद कुछ ही समय तक निर्धारित होता है। जैसे ही समय बढ़ता जाता है ,संसार की माया का आकर्षण भी घटने लगता है। परंतु भगवान की दिव्यता कभी कम नहीं होती पलके बढ़ती जाती है। ये अनुभव तब होता हे जब भक्त में शुद्ध भक्ति का विकास होता है। 🌿✨❣️✨🌿😊