25/05/2014
गुमशुदगी...
GPK आम दिनो की तरह आज भी शांति से अपने शैक्षणिक संस्थान के रूप मे चल रहा था।
सभी agents कक्षा मे बैठ कर अपने नए mission के बारे मे research कर रहे थे।
GPK-HEAD Mr T. की आंखे एक खास mission के लिए अपने senior agent ताऊ (गुप्त नाम, agency मे कोई भी किसी को असली नाम से नही जानता था) को ढूंड रही थी।
Mr ताऊ या सिर्फ ताऊ agency का एक बहुत ही होनहार agent था।हाल ही मे ताऊ को देश मे शांति पूर्वक चुनाव करवाने के लिए agency द्वारा पुरस्कृत किया गया था। इस बात की खबर आम दुनिया मे किसी को भी नही थी, पर अगर agency की बाते दुनिया तक पहुंच जाए तो भला agents को undercover रहने की भी क्या जरूरत थी।
खैर मोदी जी चुनाव जीत गए और सब की तरह agency को भी उम्मीद थी कि अच्छे दिन आने वाले है।
आज की सुबह Mr T को Tunisia के प्रधान मंत्री श्री Mehdi Joma जी का खत मिला था, जिसमे उन्होने Tunisia मे चल रहे गृहयुद्ध को रोकने के लिए सहायता की मांग की थी।
Mr T aka chief धोंडू इस mission के लिए ताऊ को assign करना चाहते थे। उन्है याद था कि पिछले दिनो जब प्रभाकरन एक मुठभेड़ मे मारा गया था तब ताऊ ने ही libration tigers के साथ शांति प्रस्ताव मे महत्वपूर्ण किरदार निभाया था।
उन्है यकीन था इस बार भी ताऊ agency का नाम रोशन करेगा।
जब research room मे उन्है ताऊ न दिखा तो उन्होने सोचा कि क्यो न उसे whatsapp पर ही पूछ ले कि वो कहा पर है।
जब उन्होने अपना नया apple whatsapp-e-nator निकल कर देखा तो वो परेशान हो उठे।
Whatsapp पर ताऊ का last scene 7:43am था।
यह वाकई एक परेशान करने वाली बात थी, क्योकि वो whatsapp और agency join करने के बाद कभी offline नही गया था।
तभी agent Speaks(loudspeaker for inhouse agents information) पर सुरक्षा alarm बजा।
Chief धोंडू अब तक समझ चुके थे कि आज agency का system hack ही चुका था।
मुश्किल की इस घड़ी मे उनका सबसे काबिल agent भी फरार था।
जारी.......
कृपा अगले episode का इंतज़ार करें.....