30/05/2024
वक़्त क्यों आया जाने का, याद बहुत अब आएगी,
जो थे सब साथी छोड़गए, यादें बहुत रुलायेंगी ।।
जरा वक्त से कह दो थम जाए, पल पल क्यूँ बढ़ता जाए ये,
टिक कर बैठे चुपचाप, पुराने किस्से मुझे सुनाए ये ।।
गर आया गुस्सा फ़िर न बचेगा, रोयेगा, पछतायेगा,
वक्त से कहदो अब न रुका तो, फिर वो मुँह की खायेगा ।
वक्त भुलाये ना भूलेंगे, बातें वो इतनी सारी,
ना भूलेंगे बड्डे पार्टियां, रातें वो इतनी सारी ।
छोटी छोटी बातों पर जो संग हमारे अड़ जाना,
सामने वाला कोई भी हो, वो हर लड़ाई में लड़ जाना ।
गलती कितनी बड़ी हो आखिर माफ हमेशा करदेना,
समझाकर के दिल को मेरे साफ हमेशा कर देना ।
रात रात भर जो इतना counter strike का जोर रहा
याद है सारी पार्टी सार्टियाँ जिनका इतना शोर रहा ।
जहाँ कहीं भी रहें आप अब कार्तिक को सावन कर देना,
याद कभी आये, आकर के KD को पावन कर देना ।❤️
सबको ढ़ेर सारा प्यार ।
© अवधेश❤️✍️