24/12/2025
अब चुप्पी नहीं - आगरा बोलेगा। चांदी के दाम नहीं कारीगरों की कमर टूट रही है। काम 10% पर आ गया है। हजारों कारीगर घर बैठे हैं। दुकानदार दुकान खोलकर खाली आँखों से लौट रहा है। फैक्ट्रियाँ चल नहीं रहीं खर्च रोज मार रहा है। ये मंदी नहीं ये सिस्टम की नाकामी है। आगरा - भारत की सबसे बड़ी चांदी पायल मंडी - अगर यहाँ काम बंद हुआ तो सिर्फ व्यापार नहीं मरेगा पीढ़ियों का हुनर खत्म हो जाएगा। सवाल साफ है। कारीगर कब तक कीमत चुकाएगा? दुकानदार कब तक घाटा सहेगा? फैक्ट्री मालिक कब तक अकेला लड़ेगा? मांग साफ और आखिरी है। चांदी पर टैक्स तुरंत घटाओ। कारीगरों को सीधी राहत दो। पायल उद्योग को बचाने का ऐलान करो।