16/05/2020
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आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त में 2 करोड़ किसानों को ब्याज में सब्सिडी, आय बढ़ाने के भी उपाय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 20 लाख करोड़ रुपए आर्थिक पैकेज की जानकारी दे रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में इस ‘आत्मनिर्भर भारत’ पैकेज की घोषणा की थी। वित्त मंत्री ने किसानों और कृषि उद्योग के लिए बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि 2 महीने में कुल 18700 करोड़ रुपया किसानों को दिया गया। 74 हजार 300 करोड़ की फसल खरीदी की गई। सरकार तुरंत किसानों के लिए फार्म गेट के बुनियादी ढांचे के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड बनाने जा रही है। सरकार माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (MFEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये की योजना लेकर आई है। अब तक किए गए कम: न्यूनतम समर्थन राशि के तहत 74,300 करोड़ रुपये किसानों की फसल की खरीद के लिए दिए गए हैं। PM-KISAN योजना के तहत किसानों को 18,700 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। पीएम फासल बीमा योजना के तहत 6,400 करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे गए हैं। Nirmala Sitharaman Press Conference Part-3 की बड़ी बातें वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले छह साल से किसानों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। देश के करोड़ों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 6,000 रुपये का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को बाढ़, सूखे के समय उनके नुकसान की भरपाई हो रही है। लॉकडाउन अवधि के दौरान दूध की मांग 20-25% कम हो गई। 2020-21 में डेयरी सहकारी समितियों को 2% प्रति वर्ष दर से ब्याज उपदान प्रदान करने की नई योजना लाई गई है। इस योजना में 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी से 2 करोड़ किसानों को लाभ होगा। लॉकडाउन अवधि के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 74,300 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद की गई; पीएम किसान निधि में 18700 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया। किसानों के पास भंडारण की कमी और मूल्य संवर्धन के अवसरों की कमी को पूरा करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का कृषि आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा। जिससे कोल्ड चैन के साथ फसल कटाई के बाद की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लॉकडाउन के दौरान भी किसान काम करते रहे, छोटे और मंझोले किसानों के पास 85 फीसदी खेती। सूखे और बढ़ा के बावजूद किसानों ने बहुत अच्छा काम किया है। कृषि उपज के साथ खाद्द उत्पादन व स्टॉक को नियंत्रण मुक्त करने हेतु आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन होगा : वित्तमंत्री, नई दिल्ली कोरोना महामारी के कारण देशभर में लॉक डाउन का तीसरा दौर शुरू है, जबकि इस लंबे समय मे देश भर के विभिन्न क्षेत्रों की कमजोर आर्थिक स्थिति में सुधार के लिये मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ का पैकेज घोषित किया है। इसी क्रम में सरकार ने अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दलहन, आलू और प्याज जैसी कृषि उपज को ‘नियंत्रणमुक्त’ करने का फैसला किया है I इसके लिए सरकार साढ़े छह दशक पुराने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसीए) में संशोधन करने जा रही है I वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त जारी करते हुए यह घोषणा की I इन संशोधनों के जरिये जहां खाद्य उत्पादों के उत्पादन और बिक्री को नियंत्रणमुक्त किया जाएगा, वहीं किसी भी उत्पाद पर स्टॉक सीमा लागू नहीं होगी। इन उत्पादों पर राष्ट्रीय आपदा जैसे अकाल, भूकम्प, महामारी जैसी आसाधारण परिस्थतियों में ही स्टॉक या भंडारण सीमा लगाई जा सकेगी। कोविड-19 महामारी के बीच सरकार ने अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है I इसी राहत पैकेज की तीसरी किस्त की घोषणा करते हुए सीतारमण ने कहा कि प्रसंस्करणकर्ताओं और मूल्य श्रृंखला के भागीदारों पर भी स्टॉक सीमा लागू नहीं होगी I सीतारमण ने किसानों को विपणन का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए कृषि विपणन सुधारों की भी घोषणा की। उन्होंने मछलीपालन, डेयरी विकास, औषधीय जड़ी-बूटियों की खेती और मवेशी टीकाकरण के लिए भी नए कोष की घोषणा की I वित्त मंत्री ने कहा कि डेयरी प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, मवेशी चारा क्षेत्र में निवेश को समर्थन के लिए 15,000 करोड़ रुपये का पशुपालन संरचना विकास कोष स्थापित किया जाएगा I सीतारमण ने कहा कि सभी मवेशियों को खुरपका- मुंहपका बीमारियों से बचाव के टीकाकरण के लिए 13,343 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पी एम एम एस वाई) के तहत मछुआरों को 10,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की। हर्बल खेती को प्रोत्साहन के लिए 4,000 करोड़ रुपये के लिए राष्ट्रीय औषधीय पौध कोष की घोषणा की गई है I इसके तहत 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को इस तरह की स्वास्थ्यवर्धक जड़ी बूटियों की खेती के तहत लाने का लक्ष्य है I सीतारमण ने कहा कि अब ऑपरेशन हरित का विस्तार टमाटर, प्याज और आलू से आगे सभी फलों और सब्जियों तक किया जाएगा I इन चीज़ों के परिवहन और भंडारण पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त में मधुमक्खी पालकों के लिए बुनियादी ढांचा विकास को 500 करोड़ रुपये की योजना की भी घोषणा की गई हैं।