28/05/2026
कोयला मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर रोडशो में माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि स्वीकृत कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन स्कीम भारत की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि भारत के विशाल घरेलू कोयला संसाधनों का स्वच्छ, स्मार्ट और मूल्यवर्धित उपयोग समय की आवश्यकता है, ताकि LNG, यूरिया, मेथनॉल, अमोनिया, अमोनियम नाइट्रेट और कोकिंग कोल जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता कम की जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऊर्जा के भविष्य को नई दिशा देते हुए आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ₹8,500 करोड़ की पूर्व कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन स्कीम को उद्योग जगत से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली थी, जिसके अनुभव और बढ़ती भागीदारी को देखते हुए अब ₹37,500 करोड़ की व्यापक नई स्कीम को मंजूरी दी गई है। यह स्कीम पात्र परियोजनाओं को वित्तीय सहायता, दीर्घकालिक कोयला आपूर्ति की सुनिश्चितता तथा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी हेतु पारदर्शी ढांचा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल आयात बिल और विदेशी मुद्रा व्यय को कम करेगी, बल्कि कोयला-समृद्ध एवं आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी गति देगी तथा भारत को स्वच्छ, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी।
भारत का कोयला क्षेत्र अब केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक शक्ति, औद्योगिक प्रगति और आत्मनिर्भर भारत का मजबूत आधार बनता जा रहा है।
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