06/06/2020
Covid-19 कि वैश्विक महामारी को देखते हुए वर्तमान समय में लोगों के बीच में “SANITIZATION” नामक शब्द बहुत प्रचलन में आ गया है। हर कोई बस यही चाह रहा है कि आज उसके घर एवं घर के आस-पास के क्षेत्र को सैनिटाइज कर दिया जाए, जिससे वे नोवेल कोरोनावायरस जनित बीमारी Covid-19 से बचे रहें। ऐसी स्थिति में यह अत्यंत आवश्यक हो जाता है कि हम सभी इस बीमारी के बारे में ज्यादा से ज्यादा तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करें। इस हेतु मेरे द्वारा दो भाग में उक्त बीमारी से संबंधित जानकारी WHO, Centre For Disease Control एवं अन्य विश्वसनीय एजेंसियों से एकत्रित की गई है, जिसके माध्यम से हम स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
**नोवेल कोरोना वायरस: जानकारी एवं बचाव**
**वायरस क्या है?**
वायरस ( विषाणु) सूक्ष्म परजीवी(parasite) होते हैं, आमतौर पर बैक्टीरिया की तुलना में बहुत छोटे होते हैं। वायरस को पनपने एवं प्रजनन के लिए एक जीवित कोशिका की आवश्यकता होती है। कोशिका के बाहर यह मृत- समान होते हैं। विशेष परिस्थितियों में यह सैकड़ों वर्षों तक सुसुप्तावस्था (hibernation) में रह सकते हैं, और जैसे ही यह किसी जीव कोशिका के संपर्क में आते हैं यह उस जीव की कोशिका को भेदते हुए संक्रमित कर देते हैं, जिससे वह जीव बीमार हो जाता है ।
**कोरोना वायरस क्या है ?**
कोरोनावायरस, वायरस समूह का एक बड़ा परिवार है, जो स्तनधारियों (ऊंट, मवेशी, बिल्लियों और चमगादड़ आदि) और पक्षियों को संक्रमित कर बीमारियों का कारण बनता है। ऐसा बहुत कम देखने में आता है कि, पशुओं को संक्रमित करने वाले कोरोना वायरस मनुष्यों को भी संक्रमित करें, जैसा किMERS-CoV और SARS-CoV-1 एवं नोवेल कोरोना वायरस(SARS-CoV-2) में हुआ।
**नोवेल कोरोना वायरस क्या है ?**
चीन के द्वारा 31 दिसंबर2019 में वहां स्थित WHO केCountry Office में देश के वुहान शहर में एक अज्ञात वायरस के द्वारा निमोनिया के संक्रमण की जानकारी दी गई । इस वायरस को फौरी तौर पर “नोवेल कोरोना वायरस” का नाम दिया गया, जिसे बाद मेंSARS-CoV-2 का नाम दिया गया और इससे होने वाली बीमारी कोCOVID-19 नाम दिया गया ( जिसमें CO का अर्थCorona, VI का अर्थVirus, D का अर्थDisease से है और क्योंकि यह बीमारी2019 में सामने आई इसलिए 19 को जोड़ा गया जो मिलकर बनता हैCOVID-19)। ऐसा माना जा रहा है कि, नोवेल कोरोना वायरस का संक्रमण पशुओं से मनुष्यों में आया और अब यह संक्रमण व्यक्ति-से-व्यक्ति में फैल रहा है, जो पहले चीन तक सीमित था लेकिन अब यह एक वैश्विक महामारी(pandemic) है।
**नोवेल कोरोना वायरस किस प्रकार से मनुष्य को संक्रमित करता है ?**
**अ) मनुष्य से मनुष्य में**
श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाले वायरसों एवं साधारण फ्लू की तरह ही नोवेल कोरोनावायरस संक्रमित व्यक्ति के द्वारा खांसने एवं छींकने के दौरान नाक एवं मुंह से निकलने वाली छोटी बूंदों के सीधे संपर्क में आने से यह संक्रमण फैलता है। (एक बार खांसने के दौरान औसतन3000 बूंदे 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 6 मीटर की दूरी तक फैलते हैं। और इसी प्रकार छींकने के दौरान औसतन100000 बूंदे 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 8 मीटर की दूरी तक फैलते हैं । और यह बूंदे औसतन 10 मिनट तक हवा में रहती है ।)
**ब) दूषित सतहों या वस्तुओं के संपर्क मैं आने से**
ऐसी सतह को हाथ से छूने पर जिस पर पहले से नोवेल कोरोनावायरस मौजूद रहा हो और उन्हीं हाथों से मुंह, नाक एवं आंखों को छूने से यह संक्रमण फैलता है।
**नोवेल कोरोना वायरस कितना संक्रामक है ? या, एक संक्रमित व्यक्ति से कितने व्यक्तियों में यह रोग फैलता है?**
हर वायरस की संक्रामक दर(reproduction number RO) अलग अलग होती है, जैसे कि, खसरा(measles) के एक संक्रमित व्यक्ति से12 से 18 व्यक्तियों में संक्रमण फैलता है । नोवेल कोरोना वायरस(SARS-CoV-2) के एक संक्रमित व्यक्ति से2 से 3 व्यक्तियों में संक्रमण फैलता है। परंतु इससे इसकी घातकता कम नहीं हो जाती क्योंकि अभी तक ना तो इसके इलाज की दवा या वैक्सीन बाजार में उपलब्ध है ।
**Covid-19 बीमारी के लक्षण क्या है? और इसके लक्षण सामान्य फ्लू से कैसे भिन्न है ?**
Covid-19 बीमारी के लक्षण बिल्कुल सामान्य फ्लू जैसे ही हैं । इन दोनों बीमारियों में लक्षण के आधार पर अंतर कर पाना असंभव है।Covid-19 बीमारी को केवल लैब परीक्षण के माध्यम से ही पुष्टि की जा सकती है।
**क्या नोवेल कोरोना वायरस बिना लक्षण वाले व्यक्ति से फैल सकता है?**
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इस संक्रमण के फैलने का अत्यधिक खतरा तब होता है जब संक्रमित व्यक्ति में उसके लक्षण दिखाई देते हैं। परंतु ऐसा भी पाया गया है कि, जब व्यक्ति में संक्रमण पश्चात लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं तब भी यह संक्रमण फैला है।
**नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से मृत्यु दर कितनी है?**
प्रारंभिक परिणामों के अनुसार:
आयु
मृत्यु दर
85 वर्ष से अधिक
10 - 27 %
65 से 84 वर्ष
3 - 11 %
55 से 64 वर्ष
1 - 3 %
20 से 54 वर्ष
1% से कम
0 से 19 वर्ष
कोई आधिकारिक डाटा नहीं
**नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से स्वयं को कैसे बचाया जा सकता है?**
**1.** यदि, नितांत आवश्यक हो तभी घर से बाहर जाएं अन्यथा घर पर ही रहे ।
**2.** यदि, कहीं बाहर से घर आए हो या खांसने एवं छींकने के तुरंत पश्चात साबुन से20
सेकंड तक हाथों पर साबुन मलने के पश्चात पानी से धोएं । यदि साबुन एवं पानी
आसानी से उपलब्ध ना हो तो हाथों को सैनिटाइजर (जिसमें अल्कोहल की मात्रा कम
से कम 70% हो) से साफ करें ।
**3.** बिना धुले हाथों से नाक, आंख एवं कान को न छुए ।
**4. **घर से बाहर निकलते वक्त मास्क एवं चश्मा (धुप/ जीरो पावर / नज़र) लगाकर
निकलें ।
**5. **खांसते या छींकते वक्त रुमाल/ टिशू पेपर से अथवा कोहनी के अंदरूनी भाग से
चेहरा ढंक लें ।
**6.** जो लोग बीमार हैं उनसे निकट संपर्क से बचें ।
**यदि, स्वयं बीमार हो तो ?**
A. सार्वजनिक स्थानों पर ना जाते हुए घर पर रहे।
B. डॉक्टर के संपर्क में रहें, डॉक्टर से मिलने जाने से पूर्व फोन पर सूचित करें ।
C. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल न करें ।
D. घर के सदस्यों एवं पालतू जानवरों से दूर रहे । अलग कमरे(sick room) एवं
अलग बाथरूम का उपयोग करें ।
E. उपयोग में आने वाले बर्तनों को अलग रखें किसी और को उपयोग न करने दें एवं
उपयोग के बाद साबुन से अच्छे से धो दें ।
F. घर के अंदर ज्यादा संपर्क या स्पर्श में आने वाली सतहों (जैसे कि फोन, रिमोट कंट्रोल, काउंटर,
टेबलटॉप, डॉर्कबॉब्स, बाथरूम फिक्स्चर, शौचालय, कीबोर्ड, टैबलेट और बेडसाइड टेबल आदि)
को नियमित रूप से डिसइनफेक्टेंट ( जैसे कि डेटॉल या सेवलॉन या लाइसोल आदि) से साफ
करें ।Sick Room की सफाई किसी अन्य को न करने दें।
G. ऐसी जगहों को तुरंत डिसइनफेक्टेंट के माध्यम से साफ करें जहां खून, मल अथवा
शरीर के द्रव्य पड़े हो ।
**एक सर्जिकल मास्क याN95/N99 का इस्तेमाल कितने समय तक किया जा सकता है ?**
एक मास्क का उपयोग अधिकतम 8 घंटे तक के लिए किया जा सकता है।** **चूँकि मास्क कणों को सतह पर रोककर हवा को फिल्टर करते हुए स्वच्छ हवा को नाक एवं मुंह तक पहुंचाते हैं जिस कारण लगातार लंबे इस्तेमाल से दूषित कण मास्क की बाहरी सतह पर जमा होते रहते हैं और हमारे हाथों के संपर्क में आने से वह हमें संक्रमित कर सकते हैं ।
**सर्जिकल मास्क याN95/N99 मास्क की उपलब्धता ना हो तो क्या करें ?**
सर्जिकल याN95/N99 मास्क की उपलब्धता न होने पर घरों में उपलब्ध सूती कपड़े की चार परत बनाकर उसे चेहरे पर लपेटा जा सकता है, जो कि, एक बेहतर मास्क का काम करता है। ऐसे 4 से5 मास्क बनाकर अपने पास रखें एवं हर 2 - 3 घंटे के पश्चात पुराने मास्क की जगह नया मास्क बदल ले। जब वापस अपने घर लौटे तब एक बर्तन में पानी को उबालें और उसमें साबुन मिलाकर गैस बंद कर दें और उसके तुरंत पश्चात इन मास्को को उसमें 1 घंटे के लिए डाल दें । इसके बाद साफ पानी से इन कपड़ों को आप सुखाकर अगले दिन दोबारा उपयोग कर सकते हैं ।
**यदि, बाजार में रेडीमेड हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध ना हो तो क्या करें ?**
सर्वप्रथम यदि, साबुन एवं पानी की उपलब्धता हो तो उसी का इस्तेमाल करें, जबरदस्ती हैंड सैनिटाइजर का उपयोग न करें। और यदि बाजार में रेडीमेड सैनिटाइजर उपलब्ध ना हो तो आप ऐसी स्थिति में एक 60 ml. Dettol को 1200 ml. पानी में मिलाकर एक बड़ी बोतल में भरकर रख लें एवं जब भी जरूरत हो तो उसका उपयोग रेडीमेड सैनिटाइजर की तरह कर सकते हैं।
**यदि, कोई व्यक्ति चेहरे के सामने खास दे खांस या छींक दे तो क्या करें ?**
तुरंत अपने हाथों एवं चेहरे को साबुन से 20 सेकंड तक धोएं और यदि अगले कुछ दिनों में बीमारी के लक्षण दिखाई दे तो उक्त वर्णित बीमार होने की स्थिति में दी गई सावधानियां बरतें।