Rameej Raja

Rameej Raja DS "International Humanity Society" खौफ़ खुदा से...नफरत गुनाह से...मोहब्बत मुस्तफ़ा(स अ व) से ....

21/12/2023

A *Dream* Is Nothing, If It's ~Left~ On A Pillow ☝️

30/03/2021

इज़राइल चुनाव परिणाम और ओवैसी की AIMIM का महत्व
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इज़राइल अपने चुनावी इतिहास के सबसे दिलचस्प मोड़ पर खड़ा है. दक्षिणपंथ की राजनीति के पोस्टर बॉय नेतन्याहू का भविष्य किसी और के नहीं बल्कि ‘कट्टर इस्लामी पार्टी’ के हाथ आ गया है. नेतन्याहू दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे कि नहीं ये इज़राइल के सबसे कट्टर मुस्लिमों की पार्टी तय करेगी. पार्टी का नाम है “यूनाइटेड अरब लिस्ट” जिसे इस चुनाव में महज़ 5 सीटें मिल रही हैं. इज़राइल की संसद को नेसेट कहते हैं. इसमें कुल 120 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए चाहिए- 61 सीटें. नेतन्याहू की पार्टी और उसके गठबंधन को 59 सीटें मिलीं हैं. यानी नेतन्याहू एकबार फिर प्रधानमंत्री बनने से 2 सीट दूर हैं. दूसरी तरफ़ विपक्षी गठबंधन को भी नेतन्याहू के लगभग बराबर यानी 56 सीटें मिल रही हैं. इन दोनों पक्ष-विपक्ष के बीच में खड़ी है “यूनाइटेड अरब लिस्ट” पार्टी. जिसके पास पाँच सीटें आईं हैं. जो दोनों में से किसी एक पार्टी को अगले चार साल के सत्ता सौंप सकती है. इज़राइल के चुनाव को यहूदियों का चुनाव कहें तो कोई ग़लत स्टेटमेंट नहीं है, खुद नेतन्याहू की पूरी राजनीति “एंटी मुस्लिम” एजेंडा पर ही ज़िंदा रही है. लेकिन इत्तेफ़ाक से चुनावी समीकरण ऐसा बैठा है कि जिनके ख़िलाफ़ वो अब तक अपनी राजनीति करते आए हैं, आज उन्हीं के भरोसे उनका प्रधानमंत्री पद दाव पर लगा हुआ है. जो चाहे तो राजा बना दे, जो चाहे तो सालों साल से राज कर रहे नेतन्याहू को ज़मीन पर ला दे.

हालाँकि यूनाइटेड अरब लिस्ट ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन ये लगभग तय हो लिया है यूनाइटेड अरब लिस्ट के चलते नेतन्याहू की विदाई लगभग तय है.

मैं ये नहीं कह रहा कि नेतन्याहू के मुक़ाबले कट्टर इस्लामी पार्टी यानी यूनाइटेड अरब लिस्ट बहुत अच्छी होगी. लेकिन जिस देश में कोई वर्ग पीड़ित हो, भले ही वो वर्ग धार्मिक रूप से कट्टर हो, धर्मभीरु हो लेकिन उसे राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. आज पाँच सीटों के बल पर ही इज़राइल के मुसलमानों की इज़राइल की सत्ता में किंग मेकर की भूमिका होने जा रही है, अपनी संख्या के हिसाब से इन पाँच सीटों के बल पर ही इज़राइली मुसलमान आज बारगेनिंग करने की स्थिति में हैं, अब जो भी अगली सरकार बनेगी वह वहाँ के मुसलमानों को इग्नोर नहीं कर सकेगी. इसके पीछे उनकी ये पाँच सीटें भर ही हैं.

यही बात ओवैसी के पक्ष में मैंने लिखी थी, सवाल ये नहीं है कि ओवैसी की पार्टी किस विचार का समर्थन करती है या ओवैसी किस विचार के ध्वजवाहक हैं, लेकिन हर धर्म, हर जाति को अपने देश की राजनीति में अपनी संख्या के बराबर हिस्सेदारी मिलनी ही चाहिए.

जिन लोगों ने कहा था कि बिहार में महागठबंधन की हार का कारण ओवैसी फ़ैक्टर बना था, तब मेरा यही सवाल था कि दलित, ओबीसी और बहुजनों की राजनीति करने वाली हिंदू पार्टियों को मुसलमानों को अपने अधीनस्थ मानना बंद कर देना चाहिए. मुसलमान इस देश की राजनीति में बराबर के हिस्सेदार हैं. ओबीसी पार्टियों ने उनकी वोट तो लीं, लेकिन उनके नेता सदन में नहीं भेजे और न ही उनके मुद्दे उस मुखरता के साथ उठाए जिस मुखरता से वे अपनी जातियों से जुड़े मुद्दे उठाते हैं. अगर वे मुसलमानों का वोट चाहते हैं तो मुसलमानों को अपने गठबंधन में बराबरी की जगह भी दें. अगर महागठबंधन को ओवैसी फ़ैक्टर से इतना भय रहता है, और अगर ओवैसी को उनके वर्ग में इतनी वोट मिल जा रही हैं तो महागठबंधन को ओवैसी की पार्टी को बराबर प्रतिनिधित्व भी देना चाहिए. लेकिन ग़ैर भाजपाई सेक्युलर गठबंधन मुसलमानों को बराबर हिस्सेदारी देने के बजाय ओवैसी को भाजपा की “बी” टीम घोषित करने में अपनी ऊर्जा खर्च करता है.

आज देश में अच्छी ख़ासी जनसंख्या होने के बावजूद मुसलमानों के जनप्रतिनिधि न विधानसभाओं में हैं, न संसद में हैं. अगर सदन में उनके नेता ही नहीं होंगे तो उनके सवाल कौन उठाएगा? कब तक हिंदू पार्टियों के ही बड़े अंब्रेला के अंदर मुसलमान अपना प्रतिनिधित्व ढूँढता रहेगा? क्या “वोट हमारा राज तुम्हारा, नहीं चलेगा, नहीं चलेगा” वाला ऐतिहासिक नारा मुसलमानों के लिए लागू नहीं होता?

मुसलमानों ही नहीं हर जाति और हर धर्म के लोगों को राजनीति में उनकी संख्या के हिसाब से प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. ताकि हर शोषित जाति और अल्पसंख्यक वर्ग बारगेनिंग करने की स्थिति में हों, हिंदू जातियों की छोटी छोटी पार्टियाँ भी दो-दो सीटें लेकर सत्ता में भागीदार बनी हुई हैं. जिससे कम ही सही लेकिन इनके समाज को कुछ न कुछ सहूलियत मिलती ही है. लेकिन 16% मुसलमानों की एक सिंगल पार्टी नहीं है. और एक है भी तो उसे भाजपा की बी टीम कहकर किनारे किया जाता है. अगर मुसलमानों की संख्या 16% है तो उनके विधायक और सांसद भी सौलह प्रतिशत होने चाहिए. लेकिन वे बमुश्किल 4 प्रतिशत होंगे. ऐसे में मुसलमानों का शोषण होना ही है.

केरल में भाजपा ईसाइयों से समर्थन माँग रही है. जबकि पूरे देश में ईसाइयों के प्रति उनका विचार किसी से छुपा हुआ नहीं है. लेकिन केरल में वे ईसाइयों के नज़दीक होना चाहते हैं, क्यों? क्योंकि केरल में ईसाइयों की संख्या बहुत ज़्यादा है और बिना ईसाइयों के चुनावी गणित बनना मुश्किल है. जिन ईसाइयों से भाजपा समर्थन माँग रही है क्या कल को उनका कुछ प्रत्यक्ष अहित कर सकेगी? नहीं करेगी.

कट्टर हिंदुत्व के झंडे के तले पूरी ज़िंदगी राजनीति करने वाली शिवसेना आज सेक्युलर बनी हुई है, कारण यही है कि मुसलमानों की वोट से जीतने वाली पार्टियों के बल पर उसे सत्ता मिली हुई है, अगर शिवसेना अपने चिर परिचित चरित्र के आधार पर एंटी मुस्लिम डिसीजन लेने लगे तो मुसलमान नाराज़ होंगे, मुसलमान नाराज़ होंगे तो कोंग्रेस और एनसीपी को शिवसेना से अपना समर्थन वापस लेना पड़ेगा, इसलिए शिवसेना आज चाहकर भी एंटी मुस्लिम नहीं हो सकती. इसे कहते हैं Political Bargaining.

इसलिए ज़रूरी है कि बाक़ी जातियों और धर्मों की तरह मुसलमानों के विधायक और सांसद भी सदन में जीतकर पहुँचे. सरकार बनाने में भूमिका निभाएँ. आज इज़राइल में मुसलमान महज़ 5 सीटें जीतकर किंगमेकर बनने की स्थिति में हैं. भारत में 16 प्रतिशत तक जनसंख्या है. यहाँ भी बहुत कुछ संभावनाएँ हैं...

सबको बराबर प्रतिनिधित्व मिलना संवैधानिक अधिकार है, मुसलमानों को भी पूरा हक़ है. बात ओवैसी के समर्थन या विरोध की नहीं बल्कि प्रतिनिधित्व की है.

नोट:- मैं किसी भी राजनीतिक पार्टी का समर्थन या विरोध नहीं करता।

आप काफिरों से जंग नहीं लड़ सकते तो कम से कम जालिमों का बहिष्कार तो कर ही सकते हो।      ProductsBoycotting Israeli occupa...
29/03/2021

आप काफिरों से जंग नहीं लड़ सकते तो कम से कम जालिमों का बहिष्कार तो कर ही सकते हो।
Products

Boycotting Israeli occupation products is humane duty to defeat evil-doers who occupy the land of Palestine and murder Palestinian children and women.

वक्त रहते जाग जाओ, वर्ना वक्त आपकी नींद हराम कर देगा☠️

Boycott following products:-
Nike,
Boss,
Head & shoulder,
Pantene,
Pizza hut,
MCDONALD'S,
Burger king,
KFC,
Zest,
Mountain Dew,
Pepsi co.,
Pampers,
Tide,
Aerial,
Vicks,
Snickers,
Raid,
Flipkart’s Myntra
Zee India’s Zee5,
Viacom18,
MakeMyTrip,
Freshworks,
Kotak ,
ICICI Bank,
Zoomcar
SkyTran
Nestlé,
Café café,
Conduit,
Fox-wizel,
Aquafina,
Tropicana,
Lays,
Mountain Dew,
Redbull,
Taurine,
Cow chocolate,
Calvin Klein,
L'Oréal,
Galaxy,
Mars,
Bounty,
Pizza inn,
Halls,
Tang,
Coca-Cola,
Kotex,
Chicco, etc

29/03/2021

मोहम्मद आज़म ख़ान साहब की एक तक़रीर का अंश जो आज के परिवेश में एकदम सत्य प्रतीत होता है ।

" ज़मीन वालों ज़मीन वालों के साथ इन्साफ़ करो अगर तुम ज़मीन वालों के साथ इन्साफ़ नहीं करोगे तो आसमान वाला करेगा और आसमान वाले का इन्साफ़ बहुत सख़्त होगा तुम आसमान वाले के इन्साफ़ को सह नहीं पाओगे " - - - मोहम्मद आज़म खान

"मुझको मेरे बाद ज़माना ढूंढेगा".....

25/03/2021

जुल्म के साये मे लब खोलेगा कौन
अगर हम भी चुप रहे तो फिर बोलेगा कौन । रमीज मुखिया।

28/01/2021

हज़ारो मुसलमानो की लाशें पेड़ों पर टंगी पाई थी,
🇮🇳
सिर्फ गांधी के चरखे से आजादी नहीं आई थी !

26/01/2021

26 जनवरी 2001 - बाबा मेंढे, रमेश कलम्बे और दिलीप चटवानी नागपुर में RSS मुख्यालय में घुसकर गणतंत्र दिवस पर तिरंगा झंडा फहराना चाहते थे, RSS ने पुलिस बुला ली थी। केस कर दिया था।
2002 में शर्म के मारे RSS को अपने मुख्यालय पर पहली बार भारत का तिरंगा झंडा फहराना पड़ा था।
याद है ना?


26/01/2021

आज अपने गांव खौराजपुर में गणतंत्र दिवस समारोह पर ध्वजारोहण किया गया। जिसमे गांव के सम्मानित व्यक्ति सामिल हुए।

24/01/2021

हम मुस्लिम भाईयों के राजनैतिक मतभेद हो सकते है

लेकिन हम सब में मनभेद नहीं होंने चाहिए,

क्योंकि हमें जरुरत है एक प्लेटफार्म पर आने और मिलकर रहने की,

ताकि हम अपने हक़ की आवाज़ बेहतर तरीक़े से उठा सकें...!!!


15/01/2021

👉ये मेसेज संभलकर रखना और पूरा पढ़ना फिर विचार करना

👉दिवार पर पेशाब करता व्यक्ति पूछता है ,अच्छे दिन कब आयेंगे !

👉*बिजली चोरी करता व्यक्ति पूछता है, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*यहाँ-वहाँ कचरा फैंकता व्यक्ति पूछता है, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*कामचोर सरकारी कर्मचारी पूछता है, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*टेक्स चोरी करता व्यक्ति पूछता है, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*देश से गद्दारी करता व्यक्ति पूछता है, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*नोकरी पर देरी से व जल्दी घर दौड़ता कर्मचारी पूछता है, अच्छे_ दिन कब आयेंगे*

👉 *लड़कियों से छेड़खानी करता व्यक्ति पूछता है, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*राष्ट्रगान के समय बातें करते स्कूलों के कुछ लोग पूछते है, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*स्कूल में बच्चों को न भेजने वाले लोग पूछते हैं, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*कसाई जैसे कमीशनखोर डाक्टर पूछता है अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*सड़क पर रेड सिगनल तोड़ते लोग पूछते, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*किताबों से दूर भागते विद्यार्थी पूछते हैं, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👉*कारखानों में हराम खोरी करते लोग पूछते हैं, अच्छे दिन कब आयेंगे*

👆यदि खुद नहीं बदल सकते
तो अच्छे दिनों की आस छोड़ दो।
क्योंकि देश आपके उपदेश से नहीं,
आचरण से बदलेगा,
तब आएंगे अच्छे दिन !
हमारे देश की जीडीपी का 89.3 % तो देश पर कर्ज है।

देश पर 55 लाख 87 हजार 149 करोड़ का कर्ज है !
जिसका 1 वर्ष का ब्याज भरना पड़ रहा है = 4 लाख
27 हजार करोड़ !
यानि 1 महीने का = 35 हजार 584 करोड़ !
यानि 1 दिन का = 1 हज़ार 186 करोड़ !
यानि 1 घंटे का = 49 करोड़ !
यानि 1 मिनट का 81 लाख !
यानि 1 सेकेंड का 1,35,000!
जरा सोचिए ! जब देश
प्रति सेकेंड 1 लाख 35 हजार रूपये का तो सिर्फ पुराने
कर्जे का ब्याज भर रहा है तो देश के अच्छे दिन
आसानी से कैसे आएंगे..???
अत: जितना सम्भव हो भारतीय प्रोडक्ट ही ख़रीदे,
देश को लूटने से बचाये, अर्थव्यस्था की मजबूती में
अपना अमूल्य योगदान देकर भारतवर्ष को फिर से
समृद्ध बनाये...!

देश को सन्देश....

यदि भारत के 130 करोड़ लोगों में से सिर्फ 10% लोग प्रतिदिन 10 रुपये का रस पियें तो महीने भर में होता है लगभग " 3600 करोड़ "...!!!!

अगर आप...
कोका कोला या पेप्सी पीते हैं
तो ये " 3600 करोड़ " रुपये
देश के बाहर चले जायेँगे...।

कोका कोला, पेप्सी जैसी कंपनियाँ प्रतिदिन
" 7000 करोड़ " से ज्यादा लूट लेती हैं..।

आपसे अनुरोध है क आप...
गन्ने का जूस/ नारियल पानी/ आम/ फलों के रस आदि को अपनायें और
देश का " 7000 करोड़ " रूपये बचाकर हमारे किसानों को दें...।

" किसान आत्महत्या नहीं करेंगे.."

फलों के रस के धंधे से
" 1 करोड़ " लोगो को रोजगार मिलेगा और 10 रूपये के रस का गिलास 5 रूपये में ही मिलेगा...।

स्वदेशी अपनाओ,
राष्ट्र को शक्तिशाली बनाओ..।
स्वदेशी अपनाए देश बचाएे
अगर
सभी भारतीय 90
दिन तक
कोई
भी विदेशी सामान
नहीं ख़रीदे...
तो भारत
दुनिया का दूसरा सबसे
अमीर देश बन सकता है..
सिर्फ 90 दिन में ही भारत के
2 रुपये 1 डॉलर के बराबर
हो जायेंगे..
हम सबको मिल कर
ये कोशिश आजमानी चाहिए
क्युकी ये देश है हमारा..!!!!
हम जोक्स फॉरवर्ड करते है,
इसे भी इतना फॉरवर्ड
करो की पूरा भारत इसे पढ़े ...!!!

*बादाम* 900 रू किलो / *गुटखा* 4300रूप

*काजू* 800 रू किलो / *सिगरेट* 5000रू

*शुद्ध घी* 600 रू किलो / *तंबाकु* 1700 रू

*सेब* 100रू किलो / *सुपारी* 600रू

*दूध* 50रू लिटर/ *शराब* 560रू

और फिर कहते हैं कि मंहगाई है अच्छी खुराक कैसे खाएं

देश के हालात खराब नहीं है हमारी आदतें खराब हैं

🍀🍀🍀

बहुत टाइम निकाल लिखा है किसी ने ये मैसेज किसी की मेहनत व्यर्थ नही जानी चाहिए

मेरा काम था आप तक पहुचाने का आपका काम है दूसरों तक पहुचाने का

कॉपी करो पेस्ट करो लेकिन
ये मैसेज 130 करोड़ लोगों में से सिर्फ 30 करोड़ लोगों तक पहुंच जाए तो अपना भारत
सच मे महान बन जायेगा

जय हिंद.....
जय भारत.....
रमीज राजा

Address

Muradnagar
Ghaziabad
201206

Telephone

+919650095495

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