05/12/2024
आज विश्व मृदा दिवस है ।
World Soil Day !
मिट्टी जो इस पूरे सृष्टि की जननी है । मिट्टी से ही हमें सब प्राप्त होता है ।
मिट्टी ही विभिन्न परिस्थितियों , वातावरण , दाब , तापमान से विकृत होकर विभिन्न धातुओं का निर्माण करती है ।
मिट्टी ही विभिन्न परिस्थितियों , वातावरण , दाब , तापमान से नियन्त्रित होकर भिन्न भिन्न प्रकार के पत्थरों , चट्टानों इत्यादि का निर्णाण करती है ।
जिसके पास यह मिट्टी है , उसके पास विश्व का समस्त अवयव उपलब्ध है ।
मिट्टी से आप सोना उगा सकते हैं । मिट्टी से ही धन धान्य की उपलब्धि होती है ।
विश्व का कोई ऐसा पदार्थ बतायें जो मिट्टी से न बना हो ।
पूरी पृथ्वी पर भिन्न भिन्न पदार्थ की मिट्टी पाई जाती है और प्रत्येक मिट्टी के गुण , धर्म , विशेषता अलग अलग है ।
मिट्टी के सम्पर्क में रहने वाले लोगों को कभी कोई बीमारी नहीं आती ।
मिट्टी चाहे सूखी हो या गीली , उसका किसी भी रोग प्रभावित अंग पर लेप करने से , वह उसके रोग को स्वयं अवशोषित कर लेती है ।
मिट्टी से जिनका संपर्क बना रहा , वह निरोगी रहेगा ।
मिट्टी से जिसका संपर्क टूटा , वह रोगी बना रहेगा और जीवन भर अशांत बना रहेगा ।
मिट्टी के पात्रों में भोजन बनाने वाले और करने वाले , आजीवन रोगों से बचे रहते हैं ।
मिट्टी से ही हम अन्न के द्वारा पोषण लेते हैं , जिससे वीर्य बनता है ,फिर जीव का निर्माण होता है और मृत्यु उपरांत फिर से सब कुछ मिट्टी में मिल जाता है ।
मिट्टी ही एक विचित्र प्राकृतिक मशीन जिन्हें हम पेड़ पौधे उत्पन्न करती है जो वातावरण, मिट्टी से लेकर सूर्य तक से ऊर्जा ग्रहण कर ( प्राकृतिक Solar Panel ) उसे विभिन्न पोषक तत्वों में फलों में पत्तों इत्यादि में डालकर हमारे लिए विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाती है ।
मिट्टी के घरों में रहने वालों का जीवन रोगों से मुक्त हो जाता है ।
मिट्टी अपनी साँस लेती दीवारों से अंदर और बाहर दोनों वायु से जहरीले तत्वों ( Toxins ) को अवशोषित कर लेती है और Air Filter का कार्य करती है ।
मिट्टी के घरों में रहने वाले हमेशा Cool Cool रहते हैं । अंदर मानसिक स्थिति से भी और बाह्य वातावरण से भी ।
मिट्टी के घरों में रहने वाले ठंड़ीयों में भी Warm Warm रहते हैं । अंदर मानसिक स्थिति से भी और बाह्य वातावरण से भी ।
यही कारण है कि मिट्टी के घर लदाख जैसी ठंडी जगहों पर भी बनते हैं और राजस्थान की तपती गर्म जगहों पर भी मिट्टी के घर बनाये जाते हैं ।
सम्पूर्ण विश्व में एकमात्र मिट्टी ही ऐसा तत्व एवं पदार्थ है जिसका कोई EXPIRY DATE नहीं होती और इसका कोई Disintegration नहीं होता ।
क्योंकि विश्व का प्रत्येक तत्व मिट्टी से बना है और सब एक दिन disintegrate होकर मिट्टी ही बन जायेंगे ।
इसलिए आज भी लाखों वर्ष होने पर भी खुदाई में मृद भांड ( मिट्टी के बर्तन या उनसे बनी वस्तुएँ पाई जाती हैं )
सभी तत्व लोहा , सोना चाँदी से लेकर सभी धातुएँ जंग या उनका क्षरण होकर मिट्टी बन जायेगी लेकिन मिट्टी मिट्टी ही रहेगा , इसलिए मिट्टी अमर है ।
और किसी का हो न हो ,लेकिन मिट्टी में मिलकर मुझे बहुत कुछ प्राप्त हुआ है और मिट्टी ने मुझे सोना दिया है और मुझे भी सोना बना दिया है ।
लेकिन आज मृदा या मिट्टी में किसान , औद्योगिक लोगों ने ,मनुष्य ने अपने क्षणिक लाभ प्राप्त करने के लिए ज़हर डाल डाल कर इस अपनी ही माँ समान मिट्टी का वीभत्स बलात्कार कर रहा है ।
इस मिट्टी में इतना जहर , विष डाला जा रहा है कि आज विश्व का प्रत्येक जीव इसके दुष्परिणाम अनंत रोगों के माध्यम से भोग रहा है ।
सिर्फ बड़े बड़े और ज्यादा उत्पादन और चमकीले दिखने वाले फल सब्जियाँ अन्न जिसमें पोषक तत्व न के बराबर है , केवल उसके लिए मनुष्य इसका प्रतिदिन बलात्कार और हत्या कर रहा है ।
लेकिन इस मिट्टी की चीख पुकार किसी के कानों में नहीं सुनाई पड़ रही है ।
आज Chemical cement युक्त घरों ने , concrete के जंगलों से इस मिट्टी की साँसें घुट रही हैं ।
यह इसकी सांसें नहीं घुट रही हैं , यह सम्पूर्ण विश्व के प्रत्येक जीव की सांसें घुट रही हैं ।
यह प्रकृति देखते देखते जब नहीं सहन होगा तो हमारी इसी सभ्यता को जिसे आप विकसित कहते हैं ,लेकिन यह विकास नहीं विनाशकारी सभ्यता को मोहनजोदड़ों या मायन सभ्यता बनाने में समय नहीं लगाएगी ।
वह तो बस कातर दृष्टि और दया भाव से हमारी ओर निहार रही है कि ये मूर्ख अब संभल जायें तब सम्भल जायें , अगर नहीं सम्भले तो इस मिट्टी को पूरी पृथ्वी को मिट्टी में मिलाना आता है ।
बस ज्यादा नहीं , 2 minute का 12 रिचर स्केल का भूकम्प और सभी समुद्रों को एक होने की आज्ञा बस देनी है ।
इसलिए अपनी इस माँ के वस्त्रों अर्थात मिट्टी का सम्मान करना सीखिए , इसे विदीर्ण होने से बचाईये , अपनी मिट्टी से सम्पर्क बढ़ाइए , औरों को प्रेरित करिये कि वह मिट्टी से हर माध्यम से जुड़ें और इस मिट्टी का सम्मान , ताज़गी , वह शुचिता पुनः लौटाएँ ।
अरे यह मिट्टी नहीं सोना है सोना । हीरा मोती से लेकर जो आप चाहते हैं , सब इससे मिलेगा , बस इसका समुद्र मंथन की तरह मिट्टी मंथन करना होगा ।
मुझे तो मिट्टी ने सब कुछ दिया है । एक समय था जब मेरा जीवन अंधकारमय बन गया था , लेकिन मैंने अपनी माँ के आँचल ( मिट्टी ) का सहारा लिया और आज मुझे मिट्टी वह दे रही है जो अवर्णनीय है ।
बस इतना कहूँगा कि मिट्टी ने मुझे सोना बनाया है ।
आप भी मिट्टी से जुड़िये और स्वर्ण बनने की दिशा में प्रशस्त होईये ।
मिट्टी को बचाईये । विनम्र निवेदन है कि हर प्रकार से मिट्टी से जुड़िये ।
मिट्टी में वह शक्ति है जो आपको सोना हीरा मोती सब बना देगी ।
मृदा दिवस् की हार्दिक शुभकामनाएं ।
SNP Enviro Pvt. Ltd.
Contact us - 096432 52455
- Shwetabh Pathak ( श्वेताभ पाठक )