the pratibimb

the pratibimb imagination unlimited ! (Interior design & Its unlimited concepts..) Residential and commercial int

Commercial & Residential Interiors, constructions, specialist in False ceiling

21/11/2025

“If you wake up and the snow is knee-deep outside, you are not filled with rage. It's just something that you've got to cope with. If you're living in a situation it's the only situation that you know, and you've got to deal with it” -

Vaastu Rules For Tulsi Plant :  वास्तुशास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा लगाने के लिए "कार्तिक का महीना"सबसे अधिक शुभ माना...
16/09/2024

Vaastu Rules For Tulsi Plant :

वास्तुशास्त्र के अनुसार,
तुलसी का पौधा लगाने के लिए "कार्तिक का महीना"
सबसे अधिक शुभ माना गया है.

तुलसी का पौधा घर में लगाने के लिए
"गुरुवार का दिन"
सबसे शुभ माना गया है क्योंकि, तुलसी भगवान विष्णु को अत्यधिक प्रिय हैं और गुरुवार भी उनका प्रिय दिन है.
मान्यता है कि तुलसी का पौधा गुरुवार के दिन लगाते हैं तो आप पर सदैव भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है.

तुलसी के पौधे को आप भूलकर भी
"रविवार और एकादशी तिथि के दिन" स्पर्श ना करें.
धार्मिक मान्यता अनुसार,
इन दोनों ही दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए "निर्जला व्रत" रखती हैं
और इसलिए ना ही इन दिनों में तुलसी को छूना चाहिए और ना ही जल देना चाहिए.

another New venture the "FOODBUX" cafe
14/09/2024

another New venture the "FOODBUX" cafe

< form ever follows function >
28/08/2020

< form ever follows function >

the pratibimb < imagination unlimited 🥡
27/07/2020

the pratibimb < imagination unlimited 🥡

21/07/2020

क्या कहता है वास्तु नियम
जब भूखंड बढ़ा हो या कटा ?

वास्तु के अनुसार
वर्गाकार और आयताकार भूखंड पर बने भवन श्रेष्ठ होते हैं।
परन्तु कभी-कभी किसी भूखंड या
उस पर बने भवन का कोई कोण या
विदिशा बढ़ा हुआ अथवा घटा हुआ होता है,
ऐसी स्थिति में भूखंड या भवन विदिशाओं की
बढ़ी या घटी दशा के अनुसार
शुभ अथवा अशुभ फल देने वाले हो सकते हैं।

भूखंड के बढे़ होने का अर्थ है कि
वह किसी कोण या विदिशा की तरफ से आगे निकला हुआ है।
अर्थात भूखंड का वह कोण 90 अंश से अधिक है।

इसी प्रकार भूखंड के घटे होने से तात्पर्य
उसके किसी कोण या विदिशा का कटा हुआ होना है। इसमें भूखंड का घटा हुआ कोण 90 अंश से कम हो जाता है।

< ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्व दिशा >

भूखंड के ईशान कोण का बढ़ा हुआ हिस्सा,
वास्तु शास्त्र की दृष्टि में शुभ माना गया है।

ऐसे भूखंड पर निर्मित भवन में रहने वाले लोगों को सम्मान, सुख व प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है,
धन का आगमन होता है।

इसके विपरीत ईशान कोण का कटा या घटा होना सदैव अशुभ फल देता है।
ईशान कोण के घटे होने से
शारीरिक कष्ट,
मानसिक तनाव,
अशांति,अपमान व
धन हानि जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।

< आग्नेय कोण यानि दक्षिण-पूर्व दिशा >

भूखंड के आग्नेय कोण का बढ़ा होना
कष्टकारी होता है
जिसके कारण
कार्यों में अड़चन,
व्यापार में असफलता,
अग्नि भय,
सरकारी विभाग से दंड की स्थिति और
धन हानि की सम्भावना बनी रहती है।

वहीं आग्नेय कोण का कटा हुआ होना
वास्तु में शुभ प्रभाव देने वाला माना गया है।
ऐसे भूखंड पर बने भवन में रहने से जीवन में सुख-शांति व समृद्धि प्राप्त होती है।

< नैऋत्य कोण यानि दक्षिण-पश्चिम दिशा >

वास्तु नियमों के अनुसार यदि किसी भूखंड का नैऋत्य कोण बढ़ा हुआ
अथवा कटा हुआ हो तो
दोनों ही स्थितियों में यह 'अशुभ फलदायक' है।
इस प्रकार के भूखंड पर बने मकान में रहने वाले लोगों को
मानसिक कष्ट,
धनहानि,
पारिवारिक कलह, रोग आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए ऐसे भूखंड पर भवन का निर्माण करने से बचना चाहिए।

< वायव्य कोण यानि उत्तर-पश्चिम दिशा >

किसी भूखंड के वायव्य कोण का ज्यादा या कम होना दोनों ही अशुभ फलदायी माने गए हैं।
इस प्रकार के भूखंड पर बने भवन में रहने से मानसिक अशांति,
आर्थिक नुकसान ,
नौकरी या व्यवसाय में घाटा,
जोड़ों में दर्द और
गठिया रोग होने की संभावनाएं अधिक होती हैं।
ऐसे भूखंड पर भी निर्माण करना वास्तु सम्मत नहीं माना गया है।

संजय परनामी

मनी प्लांट > वास्तु और विज्ञान> वास्तु विज्ञान मे मनी प्लांट का पौधा लगाने के लिएआग्नेय दिशा यानी दक्षिण-पूर्व को उत्तम ...
26/06/2020

मनी प्लांट > वास्तु और विज्ञान

> वास्तु विज्ञान मे मनी प्लांट का पौधा लगाने के लिए
आग्नेय दिशा यानी दक्षिण-पूर्व को उत्तम माना गया है।
क्योकि इस दिशा के देवता भगवान गणेश जी है और प्रतिनिधि ग्रह शुक्र है
> गणेश जी के बारे मे यह कहा जाता है कि वह अमंगल का नाश करके घर मे मंगल करते है
जबकि शुक्र सुख-समृद्धि का कारक होता है।
> बेल और लता का कारक शुक्र होता है इसलिए आग्नेय दिशा मे मनी प्लांट लगाने से इस दिशा सकारात्मक प्रभाव प्राप्त होता है।
> इस पौधे के लिए ईशान यानी उत्तर पूर्व सबसे नकारात्मक दिशा होती है।
इस दिशा मे मनी प्लांट लगाने पर धन वृद्धि की बजाय आर्थिक नुकसान हो सकता है।
क्योंकि ईशान का प्रतिनिधि ग्रह बृहस्पति है। शुक्र और बृहस्पति मे शत्रुवत संबंध होता है
क्योंकि एक राक्षस के गुरू है तो दूसरे देवताओं के गुरू।

मनी प्लांट के फायदे >

> जिस घर में मनी प्लांट का पौधा लगा होता है उस घर में धन की समस्या कभी नहीं आती।
> इस पौधे को सही दिशा में लगाने से रिश्तों में मधुरता आती है और पति-पत्नी के बीच तनाव खत्म होकर प्यार बढ़ता है।
> मनी प्लांट भी ऐसा ही पौधा है जिसकी कम देखभाल की जरूरत होती है।
> यह घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा को लाता है जिससे घर में तनाव नहीं पनपता।
> मनी प्लांट का पौधा घर के वास्तु दोष को भी दूर करता है।
> मनी प्लांट का संबध शुक्र ग्रह से है। ऐसे में जिसका शुक्र कमजोर है उसे घर में मनी प्लांट का पौधा लगाना चाहिए,
क्योंकि शुक्र ही हमारी सुख-सुविधाओं और मान-सम्मान का कारक होता है।
> इसे घर के अंदर व बाहर दोनों जगह ही रखा जा सकता है।

व्यक्ति के शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के अलावा स्वास्थ्य के लिए वास्तु , लौकिक विज्ञान के उस पहलु से सं...
23/06/2020

व्यक्ति के शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के अलावा स्वास्थ्य के लिए वास्तु , लौकिक विज्ञान के उस पहलु से संबंध रखता है जहाँ वह घर की सकारात्मक ऊर्जा को लक्ष्य बनाता है

प्रत्येक क्षण मेरा है.....यहीं साेचना है..
21/06/2020

प्रत्येक क्षण मेरा है.....यहीं साेचना है..

17/06/2020

Address

Jaipur
302004

Opening Hours

Monday 10am - 8pm
Tuesday 10am - 8pm
Wednesday 10am - 8pm
Thursday 10am - 8pm
Friday 10am - 8pm
Saturday 10am - 8pm

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when the pratibimb posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to the pratibimb:

Share