15/10/2017
*🚩पद्मावती के इतिहास पर छेड़छाड़ करके फिल्म बनाने पर कवि ने लिखी कविता*
अक्टूबर 12, 2017
🚩भारत की महान नारी रानी पद्मावती पर एक फिल्म बनी है, रानी पद्मावती के इतिहास को गलत बताकर फिल्म बनाई गई है, उस फिल्म का ट्रेलर लॉंच हो चुका है, यह हिन्दू समाज के मुँह पर एक जोरदार तमाचा है । इस लड़ाई को केवल राजपूत समाज की लड़ाई ना बनने दे, ये पूरे हिन्दू समाज की लड़ाई है । महापुरुष और वीरांगनायें किसी एक जाति की नही अपितु पूरे धर्म की विरासत होते हैं ।
🚩कवि अमित शर्मा की रानी पद्मावती के त्याग का अल्प इतिहास बताते हुए फिल्म का डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को चेतावनी भरी कविता लिखी है....
🚩जिसके शब्द इस प्रकार हैं :
🚩बॉलीवुड में भांड भरे है, नीयत सबकी काली है...
इतिहासों को बदल रहे, संजय लीला भंसाली है...
🚩चालीस युद्ध जितने वाले को ना वीर बताया था...
संजय तुमने बाजीराव को बस आशिक दर्शाया था...
🚩सहनशीलता की संजय हर बात पुरानी छोड़ चुके...
देश धर्म की खातिर हम कितनी मस्तानी छोड़ चुके...
🚩अपराध जघन्य है तेरा, दोषी बॉलीवुड सारा है...
इसलिए 'करणी सेना' ने सेट पर जाकर मारा है...
🚩संजय तुमको मर्द मानता, जो अजमेर भी जाते तुम...
दरगाह वाले हाजी का भी नरसंहार दिखाते तुम...
🚩सच्चा कलमकार हूँ संजय, दर्पण तुम्हे दिखता हूँ...
जौहर पदमा रानी का, तुमको आज बताता हूँ...
🚩सुन्दर रूप देख रानी का बैर लिया था खिलजी ने...
चित्तौड़ दुर्ग का कोना कोना घेर लिया था खिलजी ने...
🚩मांस नोचते गिद्धों से, लड़ते वो शाकाहारी थे...
मुट्ठी भर थे राजपूत, लेकिन मुगलों पर भारी थे...
🚩राजपूतों की देख वीरता, खिलजी उस दिन काँप गया...
लड़कर जीत नहीं सकता वो ये सच्चाई भांप गया...
🚩राजा रतन सिंह से बोला, राजा इतना काम करो...
हिंसा में नुकसान सभी का अभी युद्ध विराम करो...
🚩पैगाम हमारा जाकर रानी पद्मावती को बतला दो...
चेहरा विश्व सुंदरी का बस दर्पण में ही दिखला दो...
🚩राजा ने रानी से बोला रानी मान गयी थी जी...
चित्तौड़ नहीं ढहने दूंगी ये रानी ठान गयी थी जी...
🚩अगले दिन चित्तौड़ में खिलजी सेनापति के संग आया...
समकक्ष रूप चंद्रमा सा पद्मावती ने दिखलाया...
🚩रूप देखकर रानी का खिलजी घायल सा लगता था...
दुष्ट दरिंदा पापी वो पागल,पागल सा लगता था...
🚩रतन सिंह थे भोले राजा उस खिलजी से छले गए...
कैद किया खिलजी ने उनको जेलखाने में चले गए...
🚩खिलजी ने सन्देश दिया चित्तौड़ की शान बक्श दूंगा...
मेरी रानी बन जाओ, राजा की जान बक्श दूंगा...
🚩रानी ने सन्देश लिखा, मैं तन मन अर्पण करती हूँ...
संग में नौ सौ दासी है और स्वयं समर्पण करती हूँ...
🚩सभी पालकी में रानी ने बस सेना ही बिठाई थी...
सारी पालकी उस दुर्गा ने खिलजी को भिजवाई थी...
🚩सेना भेजकर रानी ने जय जय श्री राम बोल दिया...
अग्नि कुंड तैयार किया था और साका भी खोल दिया...
🚩मिली सूचना सारे सैनिक, मौत के घाट उतार दिए...
और दुष्ट खिलजी ने राजा रतन सिंह भी मार दिए...
🚩मानो अग्नि कुंड की अग्नि उस दिन पानी पानी थी...
सोलह हजार नारियों के संग जलती पदमारानी थी...
🚩सच्चाई को दिखलाओ, हम सभी सत्य स्वीकारेंगे...
झूठ दिखाओगे संजय, तो मुम्बई आकर मरेंगे...
🚩आज के #युवावर्ग में अपनी हिन्दू संस्कृति के प्रति कूट कूट कर नकारात्मकता भरी जा रही है और नशे और #चरित्रहीनता का #शिकार बनाया जा रहा है।
🚩हिन्दुस्तानी संगठित होकर #चरित्रहीनता की खाई में गिराने वाले #बॉलीवुड और #मीडिया को #मुँहतोड़ #जबाब दें,और अपने #देश को #विश्वगुरु के पद तक #पहुँचाने में #सहयोगी हो।