15/03/2026
सही माप-तौल, उपभोक्ता का अधिकार
आप सभी को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज 15 मार्च है, वह दिन जो हमें याद दिलाता है कि बाजार में हम केवल 'ग्राहक' नहीं हैं, बल्कि हमारे पास कुछ कानूनी अधिकार भी हैं। आज के इस आधुनिक युग में जहाँ तकनीक बढ़ी है, वहीं मिलावट और माप-तौल में हेराफेरी जैसी समस्याएँ भी बढ़ी हैं। इसलिए आज मैं विशेष रूप से तौल और माप उपकरणों के संदर्भ में आपसे कुछ बातें साझा करना चाहता हूँ।
साथियों,
अक्सर हम सामान खरीदते समय केवल वस्तु की गुणवत्ता और कीमत पर ध्यान देते हैं, लेकिन क्या हम कभी उसके 'वजन' की सत्यता जाँचते हैं?
सत्यापित मशीनों का महत्व: कानून के अनुसार, हर दुकानदार को अपने बाट और इलेक्ट्रॉनिक कांटे का हर साल 'विधिक माप विज्ञान विभाग' से सत्यापन (Verification) कराना अनिवार्य है। यदि कांटा सत्यापित नहीं है, तो वह अवैध है।
हमारी जिम्मेदारी: एक जागरूक उपभोक्ता के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम सामान तुलते समय डिजिटल कांटे पर 'शून्य' (Zero) देखें। पैकेट बंद सामान पर लिखे 'Net Weight' और वास्तविक वजन का मिलान करें।
धोखाधड़ी से बचाव: कई बार चुंबक का उपयोग करना या पुराने घिसे हुए बाटों का उपयोग करना हमें आर्थिक नुकसान पहुँचाता है। याद रखें, एक-एक ग्राम की चोरी मिलकर करोड़ों का घोटाला बन जाती है।
अंत में, मैं बस यही कहना चाहूँगा:
उपभोक्ता के रूप में हमारी चुप्पी ही बेईमान विक्रेताओं का साहस बढ़ाती है। यदि आपको लगता है कि तौल में कमी है, तो चुप न रहें। दुकानदार से सवाल करें, उसका सर्टिफिकेट मांगें और यदि सुधार न हो, तो उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज करें।
"सही माप और सही तोल, उपभोक्ता के लिए अनमोल।"
धन्यवाद।
जय हिन्द!