Aashish Ayurvedic center

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10/02/2026

ਬਾਰ ਬਾਰ ਖਾਰਸ਼ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਖਾਸ ਕਰ ਕੇ ਰਾਤ ਦੜੇ ਸਮੇ ਤਾ ਇਹ ਨੁਸਖਾ ਜਰੂਰ ਵਰਤੋ

06/02/2026

फुलबहरी (विटिलिगो) leucoderma का अचूक आयुर्वेदिक एवं घरेलु इलाज
विटिलिगो (फुलबहरी) leucoderma तब होती है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मेलानोसाइट्स (रंग बनाने वाली कोशिकाओं) को नष्ट कर देती है। इसके मुख्य कारण और उपाय नीचे दिए गए हैं:
मुख्य कारण
ऑटोइम्यून विकार: शरीर का इम्यून सिस्टम अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करता है।
आनुवंशिकता: परिवार में किसी को होने पर जोखिम बढ़ जाता है।
तनाव: अत्यधिक मानसिक या शारीरिक तनाव।
चोट: त्वचा पर गहरी खरोंच, जलना या केमिकल का संपर्क।
प्रभावी घरेलू उपाय
तांबे का बर्तन: रात भर तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह खाली पेट पिएं।
बकुची (बावची) (Babchi): बकुची के बीजों का पेस्ट या चूर्ण आयुर्वेद में इसके लिए सबसे प्रभावी माना जाता है।बाकुची (बावची) चूर्ण का सेवन 1 से 3 ग्राम की मात्रा में करना चाहिए। इसे दिन में दो बार (सुबह और शाम) भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें।
अंजीर और अखरोट: इनका नियमित सेवन रक्त शुद्ध करने और त्वचा की रंगत सुधारने में सहायक माना जाता है।
विटामिन B12 और फोलिक एसिड: अपने आहार में हरी सब्जियां, फलियां और खमीरयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
लाल मिट्टी और अदरक: लाल मिट्टी को अदरक के रस में मिलाकर सफेद दागों पर लगाने से रक्त संचार बढ़ता है।
सर्वोत्तम तेल
बकुची (बावची) तेल (Bakuchi Oil) विटिलिगो के लिए सबसे असरदार माना जाता है।
इस्तेमाल का तरीका:
इस तेल को सफेद दागों पर लगाएं।
लगाने के बाद 10-15 मिनट सुबह की हल्की धूप में बैठें।
सावधानी: इसे लगाने से त्वचा पर जलन या छाले हो सकते हैं, इसलिए पहले थोड़े हिस्से पर टेस्ट करें या नारियल तेल में मिलाकर लगाएं।
विटिलिगो (सफेद दाग) की समस्या में आहार का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। कुछ चीजों के सेवन से त्वचा की स्थिति पर असर पड़ सकता है।
इन चीजों का परहेज करें:
खट्टे फल: नींबू, संतरा, अंगूर और मौसंबी जैसे खट्टे फलों से बचें, क्योंकि इनमें विटामिन C और साइट्रिक एसिड अधिक होता है जो मेलेनिन उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।
खट्टी चीजें: इमली, सिरका, अचार और दही के सेवन से परहेज करें।
मसालेदार और तला-भुना: अधिक मिर्च-मसाले, जंक फूड और गहरे तले हुए खाद्य पदार्थों से दूर रहें।
मांसाहार: लाल मांस (Red meat) और मछली का सेवन कम करें या बंद कर दें।
पेय पदार्थ: कोल्ड ड्रिंक्स, शराब और अधिक कैफीन (चाय-कॉफी) से बचें।
अन्य सावधानियां:
विटामिन C सप्लीमेंट: बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन C के सप्लीमेंट न लें।
दूध और नमक: आयुर्वेद के अनुसार दूध के साथ नमकीन चीजें या मछली खाने (विरुद्ध आहार) से बचना चाहिए।
इसे किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में ही प्रयोग में लें
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05/02/2026

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क्या है Amavatari Bati ?अमावतारी (Amavatari) एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग विशेषकर आमवात (Amavata) के इलाज ...
13/12/2025

क्या है Amavatari Bati ?

अमावतारी (Amavatari) एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग विशेषकर आमवात (Amavata) के इलाज में किया जाता है — आयुर्वेद में आमवात का अर्थ है Ama (अ पच गया/टॉक्सिन) और Vata दोष के साथ गठिया जैसी सूजन और दर्द।

यह कई फॉर्म में मिलता है — टैबलेट/रस/कैप्सूल — और इसका मुख्य लक्ष्य जोड़ों की सूजन, दर्द, अकड़न को कम करना और शरीर से अम (toxins) को बाहर निकालना है।

🌿 मुख्य फ़ायदे (Benefits)

Amavatari का उपयोग निम्नलिखित समस्याओं में किया जाता है:

✔️ गठिया में दर्द और सूजन कम करना (Rheumatoid Arthritis, Osteoarthritis)
✔️ जोड़ों की अकड़न (Stiffness) और दर्द से राहत देना
✔️ सामान्य जोड़ों/मांसपेशियों के दर्द में आराम
✔️ Ama (अ पच गया पदार्थ/टॉक्सिन) को हटाकर पाचन अग्नि को बढ़ावा देना
✔️ Vata दोष को संतुलित करना
✔️ Sciatica, कमर दर्द, मांसपेशियों के दर्द में भी उपयोगी
✔️ जोड़ों की mobility और flexibility में सुधार

➡️ आयुर्वेद के अनुसार यह Ama & Vata दोष को संतुलित करके काम करता है — जो गठिया के मुख्य कारण माने जाते हैं।

🌿 मुख्य घटक (Ingredients)

यह फ़ॉर्मूला किस फॉर्म में है उसके हिसाब से बदलता है, लेकिन आम तौर पर इसमें शामिल होते हैं:
Shuddha Parada (Purified Mercury) — दर्द/सूजन कम करने में

Shuddha Gandhaka (Purified Sulphur) — anti-inflammatory

Guggulu — जोड़ों को मजबूत और दर्द कम करे

Trikatu (Sonth/Marich/Pippali) — Ama को तोड़ने और पाचन सुधारने में

Herbs जैसे Rasna, Bala, Punarnava, Gokshura आदि — दर्द, सूजन व मांसपेशियों के आराम में सहायता

Guduchi, Haritaki, Amalaki (Triphala) — Detox और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में

ध्यान दें: Ras/Parada रूप में भारी धातु घटक होते हैं, इसलिए केवल शुद्ध और योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह से ही लेना चाहिए।
Kapeefit

📌 डोज़ (Dosage)

डोज़ और रूप (tablet/ras/capsule) अलग-अलग ब्रांड/प्रोडक्ट के अनुसार होता है, लेकिन आम तौर पर:
Kapeefit
+1

📍 Tablets / Ras Tablets:

1–2 टैबलेट दिन में 1–2 बार भोजन के बाद

📍 कशाय (काढ़ा):

भोजन से पहले या चिकित्सक के निर्देशानुसार

👉 यह इलाज कम से कम 1–2 महीनों तक नियमित उपयोग से अच्छे परिणाम देता है, लेकिन यह व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।

⚠️ सुरक्षा और सावधानियाँ (Precautions)

❗ अत्यंत महत्वपूर्ण — इससे जुड़े कुछ सुरक्षा बिंदु:

🔹 धातु आधारित Ras औषधियाँ (जैसे पारदा/गंधक) केवल योगिक शोधन के बाद ही सुरक्षित होती हैं।
🔹 गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ बिना डॉक्टर की सलाह नहीं लेनी चाहिए।
🔹 बच्चों/बुज़ुर्गों को भी चिकित्सक की निगरानी में देना चाहिए।
🔹 अन्य दवाइयों के साथ संयोजन से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

🧠 सारांश

✔️ अमावतारी एक आयुर्वेदिक दवा है जो विशेषकर arthritis / Amavata / joint pain में उपयोग होती है।

✔️ यह सूजन, दर्द और stiffness को कम करके जोड़ों की mobility बेहतर करती है।

✔️ उपयोग से पहले योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

लोग कहते है के अगर पित्ते में मल्टीप्ल स्टोन हो तो बहोत टाइम लगता है ठीक होने में आप इस रिपोट को ध्यान से देखिए एक महीने...
11/12/2025

लोग कहते है के अगर पित्ते में मल्टीप्ल स्टोन हो तो बहोत टाइम लगता है ठीक होने में आप इस रिपोट को ध्यान से देखिए एक महीने में आया है ये रिजल्ट
📌 Dono Reports (29 Sept 2025 vs 9 Dec 2025) ka Seedha–Saadha Farq
✅ 1. पित्त की थैली (Gallbladder) में फर्क
9 December 2025 की रिपोर्ट

इसमें एक ही पथरी दिखी है — 8.1 mm की।

29 September 2025 की रिपोर्ट

इसमें कई पथरियाँ (Multiple stones) थीं।

सबसे बड़ी पथरी 18.9 mm की थी।

👉 मतलब:
पहली रिपोर्ट (29 Sept) में पथरियाँ ज्यादा और बड़ी थीं।
दूसरी रिपोर्ट (9 Dec) में सिर्फ एक छोटी पथरी दिख रही है।
(यह रिपोर्टिंग का फर्क भी हो सकता है।)

✅ 2. गर्भाशय (Uterus) और Adenomyosis में फर्क

Dono reports me adenomyosis hai, par:

9 December 2025

Uterus size: 79.9 × 67.6 × 45.9 mm

Endometrium (lining) thickness: 6.5 mm

29 September 2025

Endometrium thickness: 7.5 mm

👉 मतलब:
Uterus ki lining पहले 7.5 mm थी, अब 6.5 mm ho gayi hai (थोड़ी कम).

✅ 3. दायीं Fallopian Tube (Hydrosalpinx) में फर्क
9 December 2025

Right side hydrosalpinx size: लगभग 40 × 21 mm

29 September 2025

Right side hydrosalpinx size: लगभग 55 × 33 mm

👉 मतलब:
Hydrosalpinx पहले बड़ा था, अब छोटा दिख रहा है।

✅ 4. अंडाशय (Ovaries) में फर्क
9 December 2025 की रिपोर्ट

Right o***y: एक छोटा cyst (17 × 16 mm)

Left o***y: 40 × 38 mm का complex cyst

29 September 2025 की रिपोर्ट

Ovarian cyst का जिक्र था, लेकिन

इतनी detail se नहीं लिखा गया था,

ना ही आकार (size) clear दिया था।

👉 मतलब:
नई रिपोर्ट में दोनो ovaries में cysts साफ-साफ दिखाए गए हैं, खासकर left side में complex cyst।

09/12/2025

ये भाई हमारे पास एक महीना किड़नी की प्रॉब्लम लेकर आया उस टाइम इनका ब्लड यूरिया 65mg/dl और सीरम क्रिएटनीन 3.5mg /dl था और दूसरी बार जब ये आये तो इनका ब्लड यूरिया 52 और क्रिएटनीन 1.4 mg/dl आया था, और आज यानि 9/12/25 को ब्लड यूरिया 35 mg/dl और S.Creatnine 1.6mg/dl आया मरीज ने थोड़ी मेडिसिन उलट ले ली थी

08/12/2025

heart attack ke liye HIRDAY AMRIT aap sab bhi banye or apne aap ko heart attack ke kharte se bchaaye

साइटिका में आराम पाने के लिए, आप सेल्फ-केयर के तौर पर कुछ खास एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर धीरे-धीरे मसाज कर सकते हैं। एक मुख्...
08/12/2025

साइटिका में आराम पाने के लिए, आप सेल्फ-केयर के तौर पर कुछ खास एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर धीरे-धीरे मसाज कर सकते हैं। एक मुख्य पॉइंट है GB30 (हुआंटियाओ), जो कूल्हे और जांघ के बाहरी हिस्से के बीच की सिलवट पर नितंब पर होता है। इसे अपने अंगूठे से 1-2 मिनट तक दबाने से जांघ के पिछले हिस्से में होने वाले दर्द में आराम मिल सकता है। एक और उपयोगी पॉइंट है BL40 (वेइझोंग), जो घुटने के पिछले हिस्से के बीच में होता है - इस पॉइंट को धीरे से दबाने से साइटिक नर्व के रास्ते बछड़े तक होने वाले तनाव में आराम मिल सकता है। पीठ के निचले हिस्से में तनाव को कम करने के लिए, BL23 (शेंशु) और BL25 पर मसाज करें, जो कमर के हिस्से में रीढ़ की हड्डी के बगल में कुछ उंगलियों की चौड़ाई की दूरी पर होते हैं; यहां 1-2 मिनट तक धीरे-धीरे गोल-गोल दबाव डालने से अकड़न कम हो सकती है और नर्व पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। इसके अलावा, GB34, जो घुटने के बाहरी तरफ छोटी हड्डी के सिर के ठीक नीचे होता है, कूल्हे और जांघ की मांसपेशियों को ढीला करने में मदद कर सकता है, जबकि BL62, जो टखने की बाहरी हड्डी के नीचे होता है, पैर और बछड़े के पिछले हिस्से की अकड़न को कम कर सकता है।
सुरक्षित तकनीक के लिए: मध्यम, आरामदायक दबाव का इस्तेमाल करें; 10-15 सेकंड तक दबाकर रखें, फिर छोड़ दें, और फिर कई बार दोहराएं - यह सब गहरी और शांति से सांस लेते हुए करें। एक सुझाया गया क्रम है पीठ के निचले हिस्से (BL23/BL25) से शुरू करना, फिर नितंब (GB30), उसके बाद घुटने के पीछे (BL40), और अंत में बछड़े/टखने (BL62) पर खत्म करना।

02/12/2025

बलगमी खाँसी का असरदार घरेलू उपचार – मदार का शरबत”









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New Sodhi Market Near Chupati Chowk
Mamdot
152023

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