Jaskaran Singh Gill Contractor

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ਆਪ ਜੀ ਨੂੰ ਆਪ ਸਭ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਬੰਦੀ ਛੋੜ ਦਿਵਸ ਤੇ ਦੀਵਾਲੀ ਦੀਆਂ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਮੁਬਾਰਕਾਂ ਹੋਣ ਜੀ । ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਮੇਹਰ ਰੱਖੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਚੜ੍ਹਦੀ...
27/10/2019

ਆਪ ਜੀ ਨੂੰ ਆਪ ਸਭ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਬੰਦੀ ਛੋੜ ਦਿਵਸ ਤੇ ਦੀਵਾਲੀ ਦੀਆਂ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਮੁਬਾਰਕਾਂ ਹੋਣ ਜੀ ।
ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਮੇਹਰ ਰੱਖੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਚੜ੍ਹਦੀਕਲਾ ਵਿੱਚ ਰਹੋ ।

ਵਲੋਂ- ਠੇਕੇਦਾਰ ਬਸ ਸਟੈਂਡ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ।

ਬਸ ਸਟੈਂਡ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਵਿਖੇ ਸਾਫ-ਸਫਾਈ ਮੁਹਿੰਮ ਵੇਲੇ ਕੁਝ ਯਾਦਗਰੀ ਤਸਵੀਰਾਂ।ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸਹਿਯੋਗ - ਸਿਵਲ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ, ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ, ਪੰਜਾਬ ਰੋਡਵੇਜ਼, ...
14/07/2019

ਬਸ ਸਟੈਂਡ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਵਿਖੇ ਸਾਫ-ਸਫਾਈ ਮੁਹਿੰਮ ਵੇਲੇ ਕੁਝ ਯਾਦਗਰੀ ਤਸਵੀਰਾਂ।

ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸਹਿਯੋਗ - ਸਿਵਲ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ, ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ, ਪੰਜਾਬ ਰੋਡਵੇਜ਼, ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਮਾਜਿਕ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਅਤੇ ਠੇਕੇਦਾਰ ਬਸ ਸਟੈਂਡ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ।

May God paint the canvas of ur life with the colours of joy, love, hapiness, prosperity, good health and success.Wishing...
21/03/2019

May God paint the canvas of ur life with the colours of joy, love, hapiness, prosperity, good health and success.
Wishing u a Happy holi

🏠🏚🏙🏢🏗❤🎁💝🌹
14/02/2019

🏠🏚🏙🏢🏗❤🎁💝🌹

ਤੁਹਾਨੂੰ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਲੋਹੜੀ ਦੀ ਮਾਘੀ ਦੀ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਦੀ ਲੱਖ ਲੱਖ ਵਧਾਈ ਹੋਵੇ.ਵੱਲੋਂ-ਜਸਕਰਨ ...
13/01/2019

ਤੁਹਾਨੂੰ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਲੋਹੜੀ ਦੀ ਮਾਘੀ ਦੀ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਦੀ ਲੱਖ ਲੱਖ ਵਧਾਈ ਹੋਵੇ.

ਵੱਲੋਂ-ਜਸਕਰਨ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ ਠੇਕੇਦਾਰ, ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ.

Wishing You and your family Happy Lohari, Maghi and Happy Gurpurav of Sarbhans Daani Dashmesh Pita Puttaran dey Daani Shri Guru Gobind Singh ji

From-Jaskaran Singh Gill

www.GillContractor.com

01/01/2019
28/12/2018

रेलवे स्टेशन पर बोर्ड पर समुद्र तल से ऊँचाई क्यों लिखी होती है?

समुद्र तल की ऊँचाई से ट्रेन के ड्राइवर को कोई भी मदद नहीं मिलती है।
गौर करें , ज्यादातर स्टेशन स्वतंत्रता के पूर्व के हैं, जिस वक़्त वाष्प इंजन चला करते थे जिसमें गियर नहीं होता था ( डीजल और विद्युत लोको में भी गियर नहीं होता है - थ्रोटल और टैप चेंजर होता है जो गियर से बिल्कुल अलग है) अतःलोको पायलट को मदद करने वाली बात बेतुकी और हास्यास्पद है।

समुद्र तल की ऊँचाई का बोर्ड - मुख्यतः सिविल इंजीनियर हेतु लिखा होता एक रेफेरेंस पॉइंट के रूप में । यह स्टेशन निर्माण के समय ही लिखा जाता है ।

मान लें कि तीन लगातार स्टेशन अ, ब और स हैं। तीनों स्टेशन 10 -10 किलोमीटर के फासले पर हैं

स्टेशन “अ” की ऊंचाई 100 मीटर है

स्टेशन “ब” की ऊंचाई 100 मीटर है

स्टेशन “स” की ऊंचाई 160 मीटर है

तो स्टेशन “अ” से स्टेशन “ब” की ट्रैक लेवल होगी

और स्टेशन “ब” से स्टेशन “स” की ट्रैक लेवल नहीं होगी बल्कि

(160 -100)/ 10X 1000 = 6/1000 या 1/166 चढ़ाई (rising gradient ) वाली होगी। यह चढ़ाई सामान्यतः अनुमत ग्रेडिएंट 1/200 से ज्यादा है अतः: “ब” से “स” ट्रेन जाएगी तो पीछे से एक बैंकिंग /banking लोको भी मदद के लिए लगेगा । इन्हें सामान्यतया घाट सेक्शन कहते हैं । “स” से “ब” आने में 1/166 की ढाल मिलेगी , अतः: ड्राइवर सावधान रहेगा, गति नियंत्रित रखेगा। बहुत जगह ऐसी जगहों पर गति कम कर दी जाती है । दिल्ली कलकत्ता बरास्ते गया - कोडरमा के आसपास गुरपा गुझण्डी ऐसा ही घाट सेक्शन है जहां 130 पर चलनेवाली राजधानी भी 65 पर चलती है । मालगाड़ियों की रफ्तार और भी कम की जाती है ।

वाष्प इंजन के जमाने में वापिस लौटें तो स्टेशन “स” से “अ” जाने में 1 टन कोयला लगेगा तो लौटने में चढ़ाई के कारण स्टेशन “अ” से “स” में ज्यादा कोयला लगेगा और यदि 1 टन ही दिया गया तो ट्रेन बीच में ही खड़ी हो जाएगी और ईंधन समाप्त हो जाएगा। डीजल इंजन में भी इसी अनुसार तेल की गणना की जाती है । विद्युत लोको में ईंधन खत्म वाली बात तो नहीं होती है पर विद्युत खपत पर नज़र इन्ही पर आधारित आकलन के अनुसार रखी जाती है ।

अब दूसरा परिदृश्य लें

मान लें कि तीन लगातार स्टेशन अ, ब और स हैं। तीनों स्टेशन 10 -10 किलोमीटर के फासले पर हैं

स्टेशन “अ” की ऊंचाई 100 मीटर है

स्टेशन “ब” की ऊंचाई 100 मीटर है

स्टेशन “स” की ऊंचाई 120 मीटर है

तो स्टेशन “अ” से स्टेशन “ब” की ट्रैक लेवल होगी

और स्टेशन “ब” से स्टेशन “स” की ट्रैक लेवल नहीं होगी बल्कि

(120 -100)/ 10X 1000 = 2/1000 या 1/500 खड़ी चढ़ाई वाली होगी।

इसमें दूसरे लोको की जरूरत नहीं पड़ेगी । परंतु वाष्प इंजन के समय में हर इंजन के कोयले की खपत की गणना की जाती थी तो स्टेशन वाइज कोयले की खपत निम्नवत होगी

स्टेशन “स” से “ब” कोयले की खपत - सबसे कम होगी - ढाल के कारण

स्टेशन अ से ब औऱ ब से अ की खपत सामान्य और बराबर होगी

स्टेशन “ब” से “स” कोयले की खपत - सबसे ज्यादा होगी - चढ़ाई के कारण

हर ट्रेन में कोयले/डीजल की खपत का राशन बना होता है । यह राशन चार्ट इन्ही विभिन्न स्टेशन की सापेक्षिक ऊंचाई के आधार पर बनता है । यह सापेक्षिक ऊंचाई समुद्र तल की ऊंचाई पर निर्भर करती है ।

जहाँ तक ट्रेन ड्राइवर की बात है तो वो स्टेशन पर लगे ऊंचाई को नहीं देखते हैं, बल्कि पटरी के बगल में लगे ग्रेडिएंट पोस्ट को देखते हैं - जिसपर 100 , 200 या 400 या 1000 इत्यादि up/down arrow की निशान के साथ लगा होता है जो कि ग्रेडिएंट के साथ साथ चढ़ाई या ढाल की भी जानकारी देता है । वैसे ड्राइवर को अधिकतम ग्रेडिएंट की जानकारी पहले से ही होती है , जिसे रूलिंग ग्रेडिएंट कहते हैं ।

जहाँ पटरी बिल्कुल समतल होती है वहाँ L (L फ़ॉर Level /लेवल) लिखा होता है

Lighting bus stand on the occasion of Gurpurab Guru Nanak Dev ji, by Contractor of Operation and Maintenance of Bus Term...
23/11/2018

Lighting bus stand on the occasion of Gurpurab Guru Nanak Dev ji, by Contractor of Operation and Maintenance of Bus Terminal Sri Muktsar Sahib


Let's fire our ARROGANCE in this Diwali not crackersMay this festival  of lights brightens your life and brings happines...
07/11/2018

Let's fire our ARROGANCE in this Diwali not crackers

May this festival of lights brightens your life and brings happiness , joy and prosperity for you and your family....

40MW solar power plant works, Shinavad (Gujrat)
16/10/2018

40MW solar power plant works, Shinavad (Gujrat)


Address

Busstand Sri Muktsar Sahib
Muktsar
152026

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