Pratham Science Program

Pratham Science Program Pratham Education Foundation initiative for experience-based science learning.

प्रथम विज्ञान कार्यक्रम, शिक्षा क्षेत्र की जानीमानी गैर-सरकारी संस्था- 'प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन' द्वारा गतिविधि आधारित विज्ञान शिक्षा पर चलाया जा रहा कार्यक्रम है. हमारा मानना है कि बच्चों में विज्ञान के प्रति अभिरुचि और समझ का विकास तभी हो सकता है, जब उनके अपने अनुभव विज्ञान संबंधी अवधारणाओं से जुड़ते हों. प्रथम विज्ञान कार्यक्रम इसी उद्देश्य से 16 राज्यों के 24 ब्लॉकों में संचालित किया जा रहा है.

अनुभव आधारित बाल विज्ञान मेला/कौथीग: रा. इ. का. पौंठी....................................अलायंस फॉर साइंस अभियान के अंतर...
29/12/2023

अनुभव आधारित बाल विज्ञान मेला/कौथीग: रा. इ. का. पौंठी....................................

अलायंस फॉर साइंस अभियान के अंतर्गत रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक में स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज पौंठी में अनुभव आधारित बाल विज्ञान मेले का आयोजन किया गया. यह मेला 28 दिसम्बर 2023 को आयोजित हुआ. विज्ञान मेले की तैयारियां 26 व 27 दिसम्बर को की गयी. विद्यालय की कक्षा 8 व 9वीं के 45 बच्चों ने इन दो दिनों में विज्ञान की अलग-अलग अवधारणाओं पर आधारित 21 कार्यकारी मॉडलों/खिलौनों का निर्माण किया. साथ ही साथ इन सभी मॉडलों के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत को खोजने व समझने का प्रयास किया. विज्ञान मेले के दिन हर मॉडल को 2 या तीन बच्चों के समूह ने विद्यालय के अन्य छात्र- छात्राओं, शिक्षकों व आमंत्रित अभिभावकों के समुक्ख प्रस्तुत किया. लगभग 250 लोगों नें विज्ञान मेले का आनंद लिया.
https://youtu.be/j9aaAuYBfnw?feature=shared
PM SHRI Govt Model Inter College Paunthi, Jakholi,Rudraprayag,Uttarakhand
DIET Ratura

23/12/2023
राजकीय इंटर कॉलेज चौरासैण गैरसैण चमोली में विज्ञान मेला-कार्यशाला .........................................................
02/11/2023

राजकीय इंटर कॉलेज चौरासैण गैरसैण चमोली में विज्ञान मेला-कार्यशाला ......................................................................

अलायन्स फॉर साइंस अभियान के तहत चमोली जिले के दूरस्थ विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज चौरासैण (गैरसैण) में एक विज्ञान मेला कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 30 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2023 के बीच सम्पन्न हुई। कार्यशाला में विद्यालय के 7वीं, 8वीं व 9वीं कक्षा के 36 बच्चों ने प्रत्यक्ष प्रतिभाग किया।
कार्यशाला के पहले 2 दिन छात्र-छात्राओं को 7 समूहों में बांटा गया, जिसमें प्रत्येक समूह ने उनके विज्ञान पाठ्यक्रम से संबंधित विभिन्न अवधारणाओं पर आधारित 3-3 वर्किंग मॉडलों का निर्माण किया। इस तरह कुल 21 वर्किंग मॉडल तैयार किए गए, जो प्रकाश व प्रकाश के गुण, चुम्बक व चुम्बकत्व, गुरुत्व, मानव शरीर आदि विषयों से संबंधित थे। सभी मॉडलों से जुड़ी अवधारणओं को प्रतिभागियों के बीच सामूहिक चर्चा के माध्यम से समझा गया।
तीसरे और अंतिम दिन इन मॉडलों के साथ एक विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। विज्ञान मेले को विद्यालय की अन्य कक्षाओं के बच्चों, शिक्षकों, चौरसैण के स्थानीय नागरिकों, राजकीय इंटर कॉलेज नंदासैण व अन्य दो आमंत्रित विद्यालयों के शिक्षकों व विद्यार्थियों ने देखा। लगभग 2 घन्टे चले इस विज्ञान मेले को करीब 200 आगंतुकों ने देखा और छात्रों के प्रयास की सराहना की।

सूर्य-पृथ्वी-चन्द्रमा की व्यवस्था और कुछ खगोलीय घटनाएँ....................https://youtu.be/-Pv1ebRjORcहमारा आकाश अनगिनत ...
15/06/2023

सूर्य-पृथ्वी-चन्द्रमा की व्यवस्था और कुछ खगोलीय घटनाएँ....................
https://youtu.be/-Pv1ebRjORc
हमारा आकाश अनगिनत पिंडों से भरा पड़ा है. इन अनगिनत पिंडों में से दो पिंड हमारी धरती पर सर्वाधिक प्रभाव डालते हैं. उन दो पिंडों में एक को हम दिन का राजा: "सूर्य" के रूप में तो दूसरे को रात की रानी: "चन्द्रमा" जानते हैं. सूर्य जो रोज उगता है और दिन लेकर आता है और ढलते ही रात दे जाता है. चंद्रमा है तो रात की रानी पर कभी-कभी दिन में दिखाई देती है. चन्द्रमा के रूप को देखें तो यह भी हर दिन रूप बदलता रहता है. कभी-कभी दिन में जगमगाते सूर्य को कोई कुछ देर के लिए छुपा लेता है तो कभी रात को पूरे गोल चाँद को कोई साया कुछ देर के लिए ढक लेता है. आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या आपके मन में ऐसे सवाल नहीं उठते?
इन सभी घटनाओं को हम सबने देखा है और सबने इनके कारणों को भी कभी न कभी किताबों में पढ़ा जरूर होगा. यदि इन परिघटनाओं को घटते हुए देखना हो तो अन्तरिक्ष में कहीं साल भर का डेरा डालना होगा.
यहाँ इन्हीं सब बातों के आलोक में सूर्य-पृथ्वी-चन्द्रमा की व्यवस्था व पृथ्वी व चंद्रमा की गतियों का पृथ्वी पर प्रभाव को एक कार्यकारी मॉडल के जरिये प्रस्तुत कर रहे हैं. आप भी इन घटनाओं को इस वीडियो व मॉडल के माध्यम से समझ सकते हैं.

बागेश्वर जिले में बाल विज्ञान कौतिक/ मेला बागेश्वर जिले के गरुड़ ब्लाक के कुछ नवाचारी शिक्षकों के संयुक्त प्रयास और आमंत्...
06/05/2023

बागेश्वर जिले में बाल विज्ञान कौतिक/ मेला

बागेश्वर जिले के गरुड़ ब्लाक के कुछ नवाचारी शिक्षकों के संयुक्त प्रयास और आमंत्रण पर डॉ डी डी पन्त स्मारक बाल विज्ञान खोजशाला- बेरीनाग, उत्तराखंड के अलायन्स फॉर साइंस अभियान द्वारा अनुभव आधारित बाल विज्ञान मेला कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह आयोजन स्वतंत्रता सेनानी स्व. लक्ष्मी दत्त कांडपाल राजकीय इंटर कॉलेज लोहारचौरा गरुड़ में 1 मई से 3 मई के बीच संपन्न हुआ. इस आयोजन में विद्यालय के 80 बच्चे व उच्च प्राथमिक विद्यालय गैरलेख गरुड़ (बागेश्वर) के 10 बच्चों के साथ गरुड़ ब्लाक के 14 विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों ने प्रतिभाग किया.
पहले दिन सभी बच्चों को 10 समूहों में बांटा गया. प्रत्येक समूह को विज्ञान की तीन अलग-अलग अवधारणाओं पर आधारित 3-3 मॉडल बनाने थे. जिसमें सभी समूहों ने मिलकर विज्ञान की अवधारणाओं: संतुलन, प्रकाश के गुण-धर्म, चुम्बक व चुम्बकत्व, हवा व पानी का दाब, सौर मंडल की व्यवस्था, मानव शरीर के अंग आदि पर 30 कार्यकारी मॉडल का निर्माण किया. सभी मॉडलों को बनाने में अधिकत निष्प्रयोज्य सामग्री का इस्तेमाल किया गया.
दूसरे दिन सभी मॉडलों के पीछे की वैज्ञानिक अवधारणाओं पर चर्चा की गयी. साथ ही सभी बच्चों ने 2-3 की टीम बनाकर अपने द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले मॉडल का चुनाव किया व प्रस्तुतिकरण किया. इस दिन गरुड़ ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी महोदया व 30 शिक्षकों ने भी कार्यशाला का अवलोकन किया.
तीसरे व अंतिम दिन बाल विज्ञान मेला कौतिक का आयोजन किया गया. जिसमें सभी बच्चों ने उत्साह पूर्वक अपने-अपने मॉडलों को प्रस्तुत किया. मेले को देखने विद्यालय के सभी अन्य बच्चे व ग्रामीण प्रतिनिधि के साथ साथ अभिभावक आये थे. कुल मिलाकर लगभग 300 लोगों ने विज्ञान मेले का आनंद लिया. इस कार्यक्रम में शिक्षक शिक्षण केंद्र अजीम प्रेमजी फाउंडेशन गरुड़ (बागेश्वर) का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा.

Video link: https://youtu.be/eIKwx1jhIiw

हैप्पी चिल्ड्रेन्स लाइब्रेरी सीम में अनुभव आधारित कार्यशाला हैप्पी चिल्ड्रेन्स लाइब्रेरी ग्राम सीम (नैनीताल) में संचालित...
18/04/2023

हैप्पी चिल्ड्रेन्स लाइब्रेरी सीम में अनुभव आधारित कार्यशाला

हैप्पी चिल्ड्रेन्स लाइब्रेरी ग्राम सीम (नैनीताल) में संचालित की जाती है। जो अपने आसपास के लगभग 10 गाँव के बच्चों को पढ़ने-लिखने के अलावा अनेक प्रकार के सॉफ्ट स्किल्स सीखने में मदद करती है। लाइब्रेरी पिछले कई सालों से अलायन्स फॉर साइंस अभियान की साझीदार भी है।

कोविड के बाद इस बार करीब चार साल बाद अलायन्स फॉर साइंस अभियान के तहत हैप्पी चिल्ड्रेन्स लाइब्रेरी में बच्चों के साथ अनुभव आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस बार दो दिवसीय कार्यशाला 15 व 16 अप्रैल 2023 को सम्पन्न हुई। कार्यशाला में कक्षा 6ठी से 12वीं के 35 छात्र-छात्राओं के अलावा आरोही संस्था सतोली के आउटरीच प्रोग्राम के 9 बाल शिक्षा मित्रों ने भी हिस्सा लिया ।

कार्यशाला के पहले दिन एस्ट्रोनॉमी वर्कशॉप के तहत सूर्य, पृथ्वी व चंद्रमा के आपसी सम्बन्ध, पृथ्वी की अक्षीय व कक्षीय गति, चन्द्रमा की अक्षीय व कक्षीय गति व इन गतियों से होने वाली घटनाओं जैसे पृथ्वी पर दिन-रात का होना, पृथ्वी से चन्द्रमा के आकार में बदलाव दिखना, ग्रहणों का लगना व मौसम में होने वाले बदलाव जैसी अवधारणओं को समझने का प्रयास किया गया। कार्यशाला के बाद व शाम के समय बच्चों को शिक्षाविद् आनंद द्विवेदी जी का एक गीत "चलो मिटाएं नफ़रत इस संसार से" भी सिखाया गया।

दूसरे दिन सीखे गए गीत को गाकर कार्यशाला की शुरुआत हुई। बच्चों के साथ गाँधी जी के विचारों पर आधारित कार्यशाला में हिस्सा लिया। कार्यशाला के पहले चरण में बच्चों ने गत्ते से चरखा कातते गाँधी जी का एक आकर्षक मॉडल बनाया। दूसरे चरण में शिक्षा और विकास पर गाँधी जी के विचारों पर चर्चा की गई और बच्चों से इनके आलोक में बापू को दो शिकायती चिट्ठियाँ लिखने को कहा गया। तीसरे चरण में बच्चों को प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए पुराने अखबारों का एक मजबूत झोला बनाया सिखाया गया।

आयोजकों की गंभीरता और बच्चों के उत्साह के परिणामस्वरूप अलायंस फॉर साइंस की यह कार्यशाला यादगार बन गई।

ग्राम विकास संस्था के विद्यालय में तीन दिवसीय विज्ञान मेला-कार्यशाला अलायन्स फॉर साइंस अभियान ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 म...
18/04/2023

ग्राम विकास संस्था के विद्यालय में तीन दिवसीय विज्ञान मेला-कार्यशाला

अलायन्स फॉर साइंस अभियान ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 में विज्ञान कार्यक्रमों की शुरुआत उड़ीसा में कार्यरत संस्था ग्राम विकास के आवासीय विद्यालय से की. इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राम विकास विद्या विहार गायगंडा गंजम में हुआ. यहाँ तीन दिवसीय मेला- कार्यशाला होना तय था. कार्यशाला 4 से 6 अप्रैल 2023 के बीच संपन्न हुआ. जिसमें 6ठी से 9वीं कक्षा के 50 बच्चों ने प्रतिभाग किया. ग्राम विकास संस्था जनजातीय बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है.

कार्यशाला के पहले दो दिन बच्चों ने ध्वनि, संतुलन, चुम्बक व उसके गुण-धर्म, हवा व पानी का दाब, प्रकाश के गुणों पर आधारित 25 कार्यकारी मॉडलों का निर्माण किया, प्रत्येक मॉडल जुड़ी अवधारणाओं पर समूह में चर्चा की व अपने-अपने समूह में बने मॉडलों को अन्य समूहों के सम्मुख प्रस्तुत किया व दो छात्रों ने मिलकर एक मॉडल को चुना जिसे व विज्ञान मेले के दौरान प्रदर्शित करने वाले थे. सभी मॉडलों को बनाने में अधिकतर निष्प्रयोज्य सामग्री का इस्तेमाल किया गया था.

अंतिम दिन सभी प्रतिभागियों ने अपने मॉडलों को स्टॉलों में रखा और विज्ञान मेले के रूप में प्रदर्शित किया. विद्यालय की अन्य कक्षाओं के छात्रों, सभी शिक्षकों व संस्था के कुछ सम्मानित जनों को मिलाकर लगभग 300 लोगों ने विज्ञान मेले का आनंद उठाया. इस सभी ने बच्चों के उत्साह व उनके द्वारा बनाये मॉडल की सराहना की.

डाइट, रुद्रप्रयाग में पांच दिवसीय विज्ञान कौथिक (मेला)जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) रुद्रप्रयाग के आमंत्रण पर...
02/02/2023

डाइट, रुद्रप्रयाग में पांच दिवसीय विज्ञान कौथिक (मेला)

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) रुद्रप्रयाग के आमंत्रण पर पांच दिवसीय विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला (विज्ञान कौथिक) का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 28 जनवरी से 1 फरवरी 2023 के बीच सम्पन्न हुई। कार्यशाला में जिले के 15 चुने हुए शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य था कि विज्ञान की बुनियादी अवधारणाओं पर आधारित कार्यकारी खिलौनों (TLM) का निमार्ण ताकि विज्ञान शिक्षण अनुभव आधारित हो सके।

कार्यशाला में विज्ञान की बुनियादी अवधारणाओं, जैसे: चुम्बक, विद्युत, प्रकाश, गति के नियम, मानव शरीर के अंग व सौर मंडल से संबंधित 30 खिलौनों का निर्माण किया गया। पहले दो दिन शिक्षकों ने इन खिलौनों/मॉडलों का निर्माण किया। तीसरे दिन मॉडलों पर चर्चा व प्रस्तुतीकरण किया और साथ ही इनकी एक मैन्युअल भी लिखी। चौथे दिन प्रतिभागी शिक्षकों ने पास के कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय व इंटर कॉलेज रतूड़ा के 6ठी से 8वीं तक के 55 छात्रों को इन मॉडलों की ट्रेनिंग दी.

अन्तिम दिन डाइट परिसर में बच्चों व शिक्षकों ने संयुक्त रूप से 30 मॉडलों के विज्ञान मेले का आयोजन किया। विज्ञान मेले को देखने श्रीनगर गढ़वाल केन्द्रीय विद्यालय के पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष व जाने माने वैज्ञानिक डॉ. राकेश मैखुरी जी, बच्चों के अभिभावक, डाइट के अध्यापक व डीएलएड प्रशिक्षु शिक्षक आये। सभी ने मॉडलों को देखा और प्रतिभागी शिक्षकों के प्रयास की सराहना की.

इस पांच दिवसीय विज्ञान मेला कार्यशाला में सभी शिक्षकों ने बड़े मनोयोग से प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने इस बात को चिन्हित किया कैसे बेकार व निष्प्रयोज्य वस्तुओं को भी सुंदर मॉडलों में बदला जा सकता है। अब सभी प्रतिभागी शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में इस तरह के मेले का आयोजन करेंगे। डाइट की ओर से इसके लिए उन्हें जरूरी सामग्री का किट भी दिया गया है।

डाइट चमोली में एक दिवसीय अनुभव आधारित बाल विज्ञान कार्यशाला का आयोजन
22/01/2023

डाइट चमोली में एक दिवसीय अनुभव आधारित बाल विज्ञान कार्यशाला का आयोजन

रुद्रप्रयाग जिले में पहला बाल विज्ञान मेला _____________________________________________________________________________...
27/12/2022

रुद्रप्रयाग जिले में पहला बाल विज्ञान मेला ______________________________________________________________________________________________________________________________________________
विज्ञान शिक्षा को अनुभव आधारित बनाने की मुहिम अलायन्स फॉर साइंस उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में दस्तक दे चुकी है। इस कड़ी में श्री तुंगेश्वर राजकीय इंटर कॉलेज चोपता (T G I C Chopta) में 21 से 24 दिसम्बर 2022 तक चार दिवसीय प्रथम 'अनुभव आधारित बाल विज्ञान मेला कार्यशाला' का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के 8वीं व 9वीं कक्षा के 80 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला के पहले व दूसरे दिन यानी 21 व 22 दिसम्बर को प्रतिभागी बच्चों ने विज्ञान की अलग-अलग अवधारणाओं, जैसे- संतुलन, गुरुत्व, सरल गतिकी, चुम्बकत्व, प्रकाश, जल व वायु दाब, मानव शरीर सौर मंडल आदि पर आधारित 40 वर्किंग मॉडलों का निर्माण किया। तीसरे दिन 23 दिसम्बर को इन मॉडलों पर चर्चा की गयी। इसके अलावा इस दिन विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए विज्ञान के डेमोनसट्रेशन लेक्चर का भी आयोजन किया गया। अंतिम दिन यानी 24 दिसम्बर को स्व. इन्द्रमणि बडूनी (उत्तराखंड के गाँधी) के जन्म दिवस पर उनको याद करते हुए में बच्चों के हाथों से बने 40 मॉडलों को एक भव्य विज्ञान मेले के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

यह पहला अवसर था जब जिले में बच्चों द्वारा किसी कार्यशाला में बने मॉडलों के साथ किसी विज्ञान मेले का आयोजन हो रहा था। विज्ञान मेले को देखने देखने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य विद्यालयों के शिक्षक व विद्यार्थी पहुंचे। कार्यशाला के दूसरे दिन राजकीय इंटर कॉलेज मलतोली के प्रधानाध्यापक व बड़ी कक्षाओं के छात्र/छात्राएं कार्यशाला का अनुश्रवन करने आये। तीसरे दिन जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख व जिले के सी.ई.ओ. व अन्य अधिकारियों ने विज्ञान शिक्षण की इस प्रक्रिया का मुआयना किया। अंतिम दिन विज्ञान में मेले में आयोजक विद्यालय के अलावा सात अन्य विद्यालयों के शिक्षक व छात्र-छात्राएं, क्षेत्र के गणमान्य लोगों व छात्र-छात्राओं में इसे मेले को देखा। इस प्रकार लगभग 1000 से अधिक विद्यार्थियों व 50 से अधिक शिक्षकों में मेले का आनंद उठाया।

विज्ञान शिक्षा को अनुभव आधारित बनाने की मुहिम अलायन्स फॉर साइंस उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में दस्तक दे चुकी है। इस कड़ी में श्री तुंगेश्वर राजकीय इंटर कॉलेज चोपता में 21 से 24 दिसम्बर 2022 तक चार दिवसीय प्रथम 'अनुभव आधारित बाल विज्ञान मेला कार्यशाला' का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के 8वीं व 9वीं कक्षा के 80 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला के पहले व दूसरे दिन यानी 21 व 22 दिसम्बर को प्रतिभागी बच्चों ने विज्ञान की अलग-अलग अवधारणाओं, जैसे- संतुलन, गुरुत्व, सरल गतिकी, चुम्बकत्व, प्रकाश, जल व वायु दाब, मानव शरीर सौर मंडल आदि पर आधारित 40 वर्किंग मॉडलों का निर्माण किया। तीसरे दिन 23 दिसम्बर को इन मॉडलों पर चर्चा की गयी। इसके अलावा इस दिन विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए विज्ञान के डेमोनसट्रेशन लेक्चर का भी आयोजन किया गया। अंतिम दिन यानी 24 दिसम्बर को स्व. इन्द्रमणि बडूनी (उत्तराखंड के गाँधी) के जन्म दिवस पर उनको याद करते हुए में बच्चों के हाथों से बने 40 मॉडलों को एक भव्य विज्ञान मेले के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

यह पहला अवसर था जब जिले में बच्चों द्वारा किसी कार्यशाला में बने मॉडलों के साथ किसी विज्ञान मेले का आयोजन हो रहा था। विज्ञान मेले को देखने देखने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य विद्यालयों के शिक्षक व विद्यार्थी पहुंचे। कार्यशाला के दूसरे दिन राजकीय इंटर कॉलेज मलतोली के प्रधानाध्यापक व बड़ी कक्षाओं के छात्र/छात्राएं कार्यशाला का अनुश्रवन करने आये। तीसरे दिन जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख व जिले के सी.ई.ओ. व अन्य अधिकारियों ने विज्ञान शिक्षण की इस प्रक्रिया का मुआयना किया। अंतिम दिन विज्ञान में मेले में आयोजक विद्यालय के अलावा सात अन्य विद्यालयों के शिक्षक व छात्र-छात्राएं, क्षेत्र के गणमान्य लोगों व छात्र-छात्राओं में इसे मेले को देखा। इस प्रकार लगभग 1000 से अधिक विद्यार्थियों व 50 से अधिक शिक्षकों में मेले का आनंद उठाया।

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