01/05/2022
जो दिन में कमाता हूँ
वही शाम को खाता हूँ.!
मिट्टी को पहनता
धूप से नहाता हूँ.!
परेशानियों से रोज
मैं हाॅंथ मिलाता हूँ.!
थक जाने के बाद भी
थका नही बताता हूँ.!
चूल्हे से ज्यादा
खुद को मैं जलाता हूँ.!
ख्वाब पूरे नही होते
और मैं जग जाता हूँ.!
#मजदूर_दिवस