15/10/2026
नवरात्रि का पाँचवाँ दिन माँ स्कंदमाता को समर्पित है।
स्कंदमाता का अर्थ है, भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय की माता। भगवान कार्तिकेय देवताओं के सेनापति बने और देवासुर संग्राम में देवताओं को विजय दिलाई।
माँ की चार भुजाएँ हैं। वे अपनी गोद में बालक स्कंद को धारण करती हैं और उनके हाथों में कमल सुशोभित हैं। उनका वाहन सिंह है, जबकि वे कमल के आसन पर भी विराजमान दिखाई देती हैं। माँ स्कंदमाता की उपासना से मन की शुद्धता और शांति प्राप्त होने की मान्यता है।
पूजा में माँ को केले का भोग अर्पित करें और घी का दीपक जलाएँ। माँ स्कंदमाता की कृपा से हर जीवन में शांति, सुख और सकारात्मकता बनी रहे।
॥ माँ स्कंदमाता मंत्र ॥
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥