A.G. Space Station Super Sonic God Astronauts

A.G. Space Station Super Sonic God  Astronauts See The Last Corner of Sky.I have started by dreaming to go sky near 2021 but now isro ready to go.

Now my goals are following
(i)Developing Rocket Engine which is capable of going last corner of sky.(ii) Applications of drone part (iii) Passenger A/C

06/01/2026

02/11/2025

ISRO - Indian Space Research Organisation

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 2 नवंबर 2025 को LVM3-M5 नामक "बहुबली" रॉकेट से अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह ...
02/11/2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 2 नवंबर 2025 को LVM3-M5 नामक "बहुबली" रॉकेट से अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 . यह रॉकेट 43.5 मीटर ऊंचा है और इसका वजन लगभग 642 टन है। यह तीन चरणों वाला रॉकेट है जिसमें दो ठोस स्ट्रैप-ऑन मोटर्स (S200), एक द्रव प्रणोदक कोर चरण (L110), और एक क्रायोजेनिक ऊपरी चरण (C25) शामिल हैं।

CMS-03 उपग्रह का वजन लगभग 4410 किलोग्राम है और यह भारत की धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में स्थापित होने वाला सबसे भारी उपग्रह है। इस उपग्रह का उपयोग भारतीय नौसेना और अन्य रक्षा एवं नागरिक सेवाओं के लिए सुरक्षित और उच्च दक्षता वाला संचार नेटवर्क प्रदान करने के लिए किया जाएगा। इससे नौसेना के जहाजों, विमानों और पनडुब्बियों के बीच भी बेहतर और सुरक्षित संचार संभव होगा।

एलवीएम3-एम5 रॉकेट की यह पांचवीं मिशन उड़ान थी और इसने भारत को 4000 किलोग्राम तक वजन वाले भारी उपग्रहों के प्रक्षेपण में पूर्ण आत्मनिर्भरता प्रदान की है। इसे इसरो का एक महत्वपूर्ण और शक्तिशाली लॉन्च व्हीकल माना जाता है, जिसने चंद्रयान-3 जैसी प्रमुख मिशनों को भी सफल बनाया है।

इस प्रकार, "बहुबली" LVM3-M5 रॉकेट ने भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी को नई ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया है, खासकर भारी संचार उपग्रहों के सफल

LVM3M5  heavy lift rocketThe LVM3-M5, also known as “Bahubali,” is India’s latest heavy-lift rocket will be launche by I...
02/11/2025

LVM3M5 heavy lift rocket

The LVM3-M5, also known as “Bahubali,” is India’s latest heavy-lift rocket will be launche by ISRO on November 2, 2025, from the Satish Dhawan Space Centre, Sriharikota[1][2][3][4]. This vehicle successfully carried the CMS-03 communication satellite, the heaviest satellite ever launched from Indian soil, weighing around 4,410 kg, into a Geosynchronous Transfer Orbit (GTO)[1][3][4].

# # # Key Features of LVM3-M5

- **Height:** 43.5 meters[6][7][8]
- **Lift-off Mass:** 642 tonnes[6][7][8]
- **Configuration:** Three-stage rocket with:
- Two S200 solid rocket strap-on boosters for initial thrust[1][2][4][6]
- A liquid propellant core stage (L110) powered by Vikas engines[1][2][4][6]
- A C25 cryogenic upper stage using indigenized technology[1][2][4][6]
- **Payload Capacity:**
- Up to 4,000 kg to Geosynchronous Transfer Orbit (GTO)[1][2][4]
- Up to 8,000 kg to Low Earth Orbit (LEO)[1][2][4]

# # # Mission Highlights

- The LVM3-M5/CMS-03 mission marks the fifth operational flight for the LVM3 series, which is also called GSLV Mk III
- The CMS-03 satellite is a multi-band, multi-mission communications satellite, crucial for India's naval, air, and maritime operations, providing secure connectivity across land and oceanic regions
- Previous record for the heaviest satellite from Indian soil was GSAT-11 (5,854 kg), but it was launched from abroad

# # # Engineering Relevance

- The powerful design of LVM3-M5 enables Indian self-reliance in launching heavy communications and strategic satellites, supporting both civilian and defense needs
- The rocket’s proven record includes major missions like Chandrayaan-3, adding to its reliability for future launches[2][4].

This mission demonstrates ISRO’s advanced capability in orbital mechanics, launch vehicle design, and heavy payload delivery, making it a significant achievement in India’s space engineering progress

6 years back
06/10/2025

6 years back

06/10/2025

I gained 380 followers, created 21 posts and received 13 reactions in the past 90 days! Thank you all for your continued support. I could not have done it without you. 🙏🤗🎉

यह चित्र एक हाइड्रोलिक प्रेस मशीन का है। इस मशीन में दो मुख्य हिस्से होते हैं – एक बड़ा रैम (Ram) और एक छोटा प्लंजर (Plu...
28/09/2025

यह चित्र एक हाइड्रोलिक प्रेस मशीन का है। इस मशीन में दो मुख्य हिस्से होते हैं – एक बड़ा रैम (Ram) और एक छोटा प्लंजर (Plunger)। रैम का व्यास 15 सेमी है और प्लंजर का व्यास D_plunger से दर्शाया गया है। इस मशीन में एक भारी द्रव्य (1000 किलोग्राम) को उठाने के लिए हाइड्रोलिक सिद्धांत का उपयोग किया जाता है।

जब प्लंजर पर बल लगाया जाता है, तब यह प्रेसर फ्लूइड के माध्यम से रैम पर ट्रांसफर होता है। आर्किमिडीज़ का नियम और पास्कल का सिद्धांत बताते हैं कि दबाव हर दिशा में एकसमान फैलेगा। छोटा बल प्लंजर पर लगाया जाता है और वह एक बड़ा बल बनाकर रैम पर कार्य करता है। इससे भारी वस्तुओं को आसानी से ऊँचा उठाया जा सकता है।

यह तकनीक वर्कशॉप, ऑटोमोबाइल रिपेयर, धातु निर्माण, और अन्य भारी वस्तु विविध क्षेत्रों में उपयोगी है। हाइड्रोलिक प्रेस में कम श्रम और अधिक कार्य क्षमता होती है। इसका कार्य सिद्धांत विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों में महत्वपूर्ण है और विद्यार्थियों को मशीन की ताकत और डिजाइन समझाता है

Dream
27/09/2025

Dream

इस चित्र में भारतीय ग्रामीण जीवन का एक सुंदर दृश्य दिखाया गया है, जहाँ गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) का व्यवहारिक उदाहरण हर ग...
24/09/2025

इस चित्र में भारतीय ग्रामीण जीवन का एक सुंदर दृश्य दिखाया गया है, जहाँ गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) का व्यवहारिक उदाहरण हर गतिविधि में साफ दिखता है। आम के पेड़ से आम नीचे गिर रहे हैं, यह गुरुत्वाकर्षण का स्पष्ट प्रभाव है—पेड़ से पकने के बाद फल हमेशा ज़मीन की ओर गिरते हैं। बच्चे झूले पर खेल रहे हैं, उनका झूला भी ऊपर नीचे गुरुत्वाकर्षण के कारण ही चलता है।

बाएं ओर एक महिला कुएँ से पानी निकाल रही है, रस्सी-बाल्टी को नीचे छोड़कर पानी भरती है और फिर वजन के कारण बाल्टी सरलता से नीचे जाती है तथा पानी से भरी बाल्टी ऊपर खींचने पर गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध काम करना पड़ता है।

एक पुरुष सिर पर पानी का घड़ा लेकर चल रहा है, जिसमें पानी का वजन नीचे की तरफ महसूस होता है—यह भी गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव है। दाहिनी ओर एक आदमी अनाज की टोकरी जमीन पर रख रहा है, टोकरी हमेशा ज़मीन की ओर खिंची रहती है। घर की छत से बहता पानी भी गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे बहता दिख रहा है।

यह चित्र दर्शाता है कि गाँव की रोज़मर्रा की सभी गतिविधियाँ—झूला झूलना, फल गिरना, पानी निकालना, बर्तन उठाना, और जल का बहाव—सभी में गुरुत्वाकर्षण की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। गुरुत्वाकर्षण के बिना ये सब संभव नहीं हो पाते।

Address

Ghuspahan
Sandila
241201

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when A.G. Space Station Super Sonic God Astronauts posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share